New Delhi : भारत में कोरोना वायरस के शुरुआती मामले विदेश से लौटे लोग या उनके कॉन्टैक्ट्स थे। धीरे-धीरे जब कोरोना के मरीज बढ़े तो प्रकोप गांवों के मुकाबले शहरों में बहुत ज्यादा था। गांवों तक कोरोना पहुंचने का मतलब था कि इन्फेक्शन को फैलने से रोकना बहुत मुश्किल हो जाएगा। इन्फेक्शन रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया। दो महीने से भी ज्यादा वक्त तक लॉकडाउन रहा। इस बीच, दूसरे राज्यों में रहने वाले कई लाख मजदूर पैदल या जो भी निजी साधन बन पड़ा, उससे गांव निकल पड़े। जैसे-जैसे वो गांव पहुंचे, गांवों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे। उत्तर प्रदेश हो, राजस्थान या फिर ओडिशा, ग्रामीण इलाकों में कोविड-19 केसेज की संख्या बढ़ रही है। राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में शहरों से ज्यादा कोरोना के मामले हो गए हैं।