आजाद सिपाही संवाददाता
दुमका। उप राजधानी दुमका के रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से शनिवार दोपहर करीब 2.20 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के झंडी दिखाने पर जैसे ही ट्रेन रवाना हुई, उस पर सवार 16 सौ मजदूरों ने ‘जय झारखंड’ और ‘हेमंत सोरेन जिंदाबाद’ का नारा लगाया। ये मजदूर देश सेवा का जज्बा लिये लेह-लद्दाख में चीन सीमा पर सड़क बनाने के लिए रवाना हुए हैं। ट्रेन को रवाना करने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच देशहित में झारखंड ने अपना पहला कदम बढ़ा लिया है। लगभग 16 सौ झारखंडी सीमा सड़क संगठन द्वारा देश के सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क बनाने के लिए रवाना हो रहे हैं। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हेमंत ने कहा कि कामगारों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन किया जायेगा। जो इसमें लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
हेमंत ने सीमा सड़क संगठन से कामगारों के साथ कदम से कदम मिला कर चलने को कहा। उसे सरकार की ओर से पूरा सहयोग किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के साथ देश के विकास में यहां के कामगार महत्वपूर्ण भूमिका निभायें और गौरव के भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि कामगारों का पहला दल आज भेजा जा रहा है और अगले कुछ दिनों में हजारों कामगार देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण के कार्य में योगदान करने के लिए रवाना होंगे।
श्रम विभाग और बीआरओ के बीच करार पर हस्ताक्षर
इससे पहले मुख्यमंत्री की मौजूदगी में श्रम विभाग और सीमा सड़क संगठन के प्रतिनिधि के बीच टर्म्स आॅफ रिफरेंस (टीओआर) पर हस्ताक्षर किये गये। इसमें कामगारों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, कल्याण और वेतन से जुड़ी व्यवस्थाओं के बेहतर होने की गारंटी दी गयी है। इसके अलावा कामगारों का शोषण नहीं हो, इसके लिए उन्हें रजिस्ट्रेशन कार्ड भी दिया जा रहा है। इसके अलावा सभी कामगारों का पता और मोबाइल नंबर भी रखा गया है, ताकि उनकी जानकारी समय-समय पर सरकार को मिलती रहे।
प्रवासी मजदूरों को दिया गया जॉब कार्ड और किट
राज्य सरकार की ओर से सभी प्रवासी मजदूरों को जॉब कार्ड और किट दिया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पांच प्रवासी मजदूरों को प्रतीकात्मक रूप से जॉब कार्ड और किट सौंपा।
ये रहे उपस्थित : मौके पर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक नलिन सोरेन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, सीमा सड़क संगठन के अपर पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार, दुमका की उपायुक्त राजेश्वरी बी और पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा समेत कई और अधिकारी मौजूद थे।
सभी वर्ग के लोगों को सरकार रोजगार देगी : हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कामगारों का शोषण नहीं होगा। उनकी नियुक्ति से लेकर उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण का पूरा ख्याल रखा जायेगा। बिचौलियागिरी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से लाखों की संख्या में प्रवासी मजदूरों की वापसी हुई है। इन मजदूरों को रोजगार देने के लिए सरकार सभी संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मजदूरों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और भूख से किसी मजदूर की मौत नहीं हो, इसके लिए हरसंभव कदम उठायेगी। उन्होंने कहा कि व्यवस्था अब श्रमिकों-किसानों के लिए समर्पित रहेगी। किसी को भूख या बेकारी से मरने नहीं दिया जायेगा। सीएम ने कहा, श्रमिकों-किसानों के हितों की रक्षा में यदि मेरी जान भी चली जाये, तो भी मैं पीछे नहीं हटूंगा। उन्होंने श्रमिकों से कहा, आपको चिंता करने की जरूरत है। आपके हित के संरक्षण और आपकी जरूरत के लिए आपका यह भाई हमेशा खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के कामगार शुरू से ही देश के हित और विकास में अहम योगदान देते आ रहे हैं। कोरोना काल में एक बार फिर वे देश के दुर्गम और कठिन क्षेत्रों में अपना योगदान करने के लिए जा रहे हैं। वहां सामान्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है, लेकिन झारखंड के कामगारों ने अपने कार्य से पूरे देश में एक अलग पहचान बनायी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के इस दौर में सभी वर्ग के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम में सरकार जुट गयी है। चाहे यहां लौट कर आये प्रवासी मजदूर हों या फिर दूसरे राज्यों के मजदूर, सभी को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सभी वर्ग के सभी लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।