इसी माह हो सकती है भाजपा की नयी प्रदेश कार्यसमिति और जिलाध्यक्षों की घोषणा
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। यूं तो भाजपा की नई कार्यसमिति और जिलाध्यक्षों की घोषणा को लेकर प्रदेश भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की बेकरारी बढ़ती जा रही है पर सोशल मीडिया में इन सबके साथ ही भाजयुमो का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा इसपर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। भाजपा में इस पद के लिए भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल पाडंगी की चर्चा चल रही है। संभावना जतायी जा रही है कि इन दोनों में से किसी एक को भाजयुमो का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि बीते विधानसभा चुनाव में भानु को जीत मिली थी और कुणाल जनता का दिल जीतने में असफल रहे थे पर काबिलियत में दोनों नेता किसी से कम नहीं हैं। भाजयुमो का अगला प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा यह तो भविष्य के गर्भ में है पर ये दोनों नेता इस पद के लिए मुफीद हैं यह कहा जा सकता है।
विनम्र वक्ता हैं कुणाल तो जोशीले हैं भानु प्रताप शाही

झारखंड विधानसभा चुनाव के पूर्व झामुमो छोड़कर भाजपा में आये कुणाल षाडंगी विनम्र वक्ता होने के साथ तकनीक के मोर्चे पर आगे चलनेवाले नेताओं में से एक हैं। अपने कार्यों से वह अपनी नेतृत्व क्षमता और काबिलियत का परिचय दे चुके हैं, वहीं भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही की छवि जोशीले विधायक की है। भवनाथपुर के साथ पूरे झारखंड में उनकी छवि एक चर्चित नेता की रही है। ऐसे में दोनों नेताओं में से किसी को भी कमतर नहीं कहा जा सकता। दोनों ही नेताओं की पकड़ अपने-अपने क्षेत्र में गहरी है।

जमीनी कार्यकर्ता को मिलनी चाहिए जिम्मेवारी
बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा को जो हार मिली है उसके बाद भाजपा के पूरे प्रदेश संगठन में आमूलचूल बदलाव की जरूरत है। इस लिहाज से भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष का पद बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेश भाजपा में 35 लाख से अधिक कार्यकर्ता हैं और आनेवाले समय में पार्टी में युवाओं को अधिक से अधिक जिम्मेदारी मिलेगी इसके संकेत भी भाजपा का प्रदेश संगठन दे चुका है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष का पद उसे मिलना चाहिए जो जमीन स्तर पर मेहनत कर आगे बढ़ा हो और युवाओं के व्यवहार को भलीभांति समझता हो। सोशल मीडिया से ज्यादा वह जनता के बीच लोकप्रिय हो। अपने काम के साथ संगठन के प्रति जिम्मेवार हो। अब भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कार्यकर्ताओं तथा संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरनेवाला चेहरा कौन होगा यह तो भविष्य ही बतायेगा।

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