सोनाक्षी अपने पापा एक्टर शत्रुघन सिन्हा की लाडली बेटी हैं. उनका बचपन बहुत शानदार बीता. खूब खाती-पीती रहने वाली सोनाक्षी जब टीनएज में आई तो उनका वजन लगभग 96 किलो हो गया. बड़े बिल्ड की सोना अच्छी-खासी मोटी थीं. स्कूल में गेम्स में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेती. उसकी दोस्ती लड़कों से थी, जो उसे अपने जैसा मानते थे. लड़कियां उनके मोटापे को लेकर उन्हें चिढ़ाती रहतीं. जब सोनाक्षी कॉलेज में आई तो उसका इंटरेस्ट बदलने लगा. वह फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही थी.

एक बार कॉलेज के एक फंक्शन में लड़कियां फैशन शो की तैयारी कर रही थीं. सोनाक्षी का मन हुआ दूसरी लड़कियों की तरह ग्लैमरस ड्रेस पहन कर रैम्प में चलने का. वह आर्गेनाजइर के पास जाकर बोली कि उसे भी फैशन शो में काम करना है. उसे लड़कियों को सजाने का काम दे दिया गया. सोना इस काम से नाखुश थी. अगले दिन रैम्प का रिहर्सल चल रहा था. सोना ने वहां पहुंच कर कहा कि उसे भी मॉडल की तरह रैम्प पर चलना है.

यह सुनकर बस हंसने लगे. एक दुबली-पतली लड़की जो आर्गेनाइजर थी, उसने कहा, तुम अगर रैम्प पर चढ़ोगी तो रैम्प टूट जाएगा. तुम रैम्प से दूर रहो. ये काम हमें करने दो. सोनाक्षी ने अपने आपको बेहद अपमानित महसूस किया. मोटापे की वजह से उसे बहुत कुछ सुनना पड़ा था, पर उस समय लगा कि कुछ गलत हो रहा है. सोना कई दिनों तक फ्रस्ट्रेटेड रही. समझ नहीं आया कि उस लड़की को कैसे सबक सिखाए.

अपने आपको चैलेंज करने के बाद सोनाक्षी ने दिल कड़ा करके जिम जाने का फैसला लिया. तला-भुना खाना छोड़ दिया. जल्द ही उसका वजन कम होने लगा. मां ने आइडिया दिया, फिल्मों में काम करके देखो सोनाक्षी को यकीन नहीं हुआ कि वजन कम करने के बाद उनके प्रति लोगों का नजरिया इतना बदल जाएगा. उस समय भी वो पर्दे के आगे के बजाय पीछे काम करने को उत्सुक थी. सोना की मां ने उसका उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उसे अगर अच्छी फिल्म में रोल मिले तो काम करके देखना चाहिए.

सलमान खान के घर वो अपने पापा और मां के साथ गई थी. सलमान के पिता सलीम की शत्रुघन सिन्हा से अच्छी दोस्ती है. सलमान ने सोनाक्षी को देखा और तुरंत कह दिया कि यह मेरी फिल्म दबंग में का कर रही है. सोना ने सामने सलमान ने यह शर्त भी रख दी कि उसे अपना वजह कम से कम बीस किलो और कम करना होगा. सोना ने शर्त मान ली. छह महीने में वह काफी छंट गई. दबंग में उसके रोल और पर्सनालिटी की हर किसी ने तारीफ की. सोनाक्षी हमेशा कहती हैं कॉलेज में अगर उस दिन मुझे रैम्प पर चलने दिया जाता, तो शायद मैं कभी ना वजन कम करती ना एक्ट्रैस बनती. एक गुस्से की वजह से मेरा एक्टिंग करियर बन गया.

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version