छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रामकृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव के खिलाफ बुधवार रात सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। बाबा रामदेव पर चिकित्सक समुदाय और कोरोना संक्रमण काल के दौरान दवाइयों के बारे में दुष्प्रचार, केंद्रीय महामारी एक्ट का उल्लंघन, विद्वेष की भावना से भ्रम फैलाने का आरोप लगा है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और छत्तीसगढ़ हॉस्पिटल्‍स बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता और अन्य की शिकायत पर यह एफआईआर दर्ज की गई। जानकारी के मुताबिक 26 मई को डॉ. राकेश गुप्ता और अन्य ने राम कृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव के खिलाफ थाने में एक शिकायत सौंपी थी। इसमें दावा किया गया था कि राम कृष्ण यादव उर्फ बाबा रामदेव द्वारा महामारी एक्ट और एलोपैथी दवाओं के बारे में भ्रमपूर्ण वक्तव्य दिए जा रहे हैं, जिस पर बाबा रामदेव के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई थी।
सिविल लाइंस पुलिस के मुताबिक कोरोना महामारी से संबंधित किसी भी तरह की भ्रामक सूचना, अफवाह और दावे प्रतिबंधित है। इसको दंडनीय अपराध माना गया है। बाबा रामदेव का बयान भी इन्हीं के दायरे में आता है इसलिए उनके खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 186, 188, 269,270, 504, 505 (1) और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51, 52, 54 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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