भारत सरकार विदेशी वैक्सीनों को लाने की दिशा में बहुत तेजी से काम कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार मॉडर्ना और फाइजर वैक्सीन को बनाने वाली कंपनियों को हर्जाना देने के पक्ष में हो सकती है। दरअसल, इन कंपनियों ने भारत में वैक्सीनेशन शुरू करने से पहले इसके उपयोग से जुड़े किसी भी दावों पर कानूनी सुरक्षा दिए जाने की मांग की थी। सरकार से संबंधित सूत्रों का कहना है कि फाइजर ने जुलाई 2021 तक कुछ डोज भारत को उपलब्ध कराने के संकेत दिए हैं।

वहीं हर्जाने के विषय पर सरकार के एक सूत्र ने बताया कि सरकार संभवत: अन्य देशों में जारी नियमों और प्रचलनों को देखेगी जिनका क्षतिपूर्ति कवरेज में पालन किया जा रहा है। सूत्र ने कहा, ‘भारत निर्माताओं को क्यों रोकना चाहेगा? अगर क्षतिपूर्ति ही एकमात्र बाधा है, तो सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली प्रथाओं के आधार पर देखेगी।’

सरकार के सूत्रों ने कहा है कि फाइजर ने पहले ही संकेत दे दिया है कि वह जुलाई 2021 तक कुछ खुराक उपलब्ध कराने में सक्षम होगा। सरकार के एक सूत्र ने क्षतिपूर्ति खंड पर कहा है कि सरकार शायद उन नियमों और प्रथाओं को देखेगी जो पहले से ही लागू किए गए हैं। क्षतिपूर्ति कवरेज प्रदान करने पर अन्य देशों में इसका अनुसरण किया जाता है।

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