उत्तर पश्चिमी जिले के मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम में सागर धनकड़ हत्याकांड मामले में पहलवान सुशील कुमार की पुलिस रिमांड आज खत्म हो गई। इन 10 दिनों की रिमांड में सुशील की तरफ से कोई खास सहयोग पुलिस को नहीं किया गया। पुलिस उसका मोबाइल और वारदात के समय पहने हुए कपड़े अब तक बरामद नहीं कर सकी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस के पास चार ऐसे महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं जिनकी मदद से पुलिस सुशील का अपराध कोर्ट के समक्ष साबित करेगी। जानकारी के अनुसार, बीते चार  मई की रात छत्रसाल स्टेडियम में सागर और उसके साथियों की पिटाई की गई थी। इस घटना के बाद सागर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। मॉडल टाउन में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई। जिसमें सुशील पहलवान को मुख्य आरोपित बनाया गया। 18 दिन तक फरार रहने  के बाद उसे स्पेशल सेल ने मुंडका इलाके से उसके साथी अजय के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में बीते 23 मई से सुशील कुमार और उसका सहयोगी अजय पुलिस रिमांड पर हैं। पहले उन्हें छह दिन और फिर चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। यह अवधि आज खत्म हो रही है। दोनों आरोपितों को बुधवार कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।
चार महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं सुशील कुमार के खिलाफ
क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस के पास इस अपराध का सबसे अहम साक्ष्य एक मोबाइल वीडियो है, जो मौके पर बनाया गया था। इस वीडियो में सुशील के हाथ में डंडा है और जमीन पर सागर पड़ा हुआ दिख रहा है। वीडियो में 15 से ज्यादा पहलवान दिख रहे हैं। जिनमें से कुछ के पास हथियार भी हैं। एफएसएल से इस बात की पुष्टि भी हो गई है कि इस वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
-मोबाइल की डिटेल
इस मामले में दूसरा महत्वपूर्ण साक्ष्य सुशील कुमार और अजय बक्करवाला के मोबाइल की डिटेल हैं। पुलिस ने दोनों की कॉल डिटेल के साथ ही उनकी लोकेशन भी निकलवाई है। कॉल डिटेल से साफ हो चुका है कि यह लोग किसके संपर्क में थे। वहीं लोकेशन की डिटेल से यह साबित होगा कि वारदात वाले दिन वह छत्रसाल स्टेडियम में मौजूद थे।
-चश्मदीद गवाह
इस हत्याकांड का तीसरा महत्वपूर्ण साक्ष्य है दो चश्मदीद गवाह,जो सागर धनकड़ के साथ मौजूद थे। यह गवाह सोनू महाल और अमित हैं। इन दोनों की पिटाई भी स्टेडियम में की गई थी। दोनों ने छानबीन के दौरान अपने बयान में सुशील का नाम ले चुके हैं। कोर्ट में इनकी गवाही बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
आरोपितों के बयान-
इस मामले में चौथा अहम साक्ष्य आरोपितों के बयान हैं। आरोपितों ने भी अपने बयान में सुशील द्वारा मारपीट की बात कही है। पुलिस इनमें से प्रिंस सहित कुछ आरोपितों को सरकारी गवाह बनाने का प्रयास कर रही है। अगर वह सुशील के खिलाफ बयान देंगे तो इससे सुशील की मुश्किल बढ़ सकती है।
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