नयी टीम के जिम्मे पार्टी का संगठन मजबूत करने की जिम्मेवारी

दयानंद राय

रांची। झारखंड में बुलंदी के साथ कांग्रेस और राजद के साथ मिल कर सत्ता संभाल रहा झामुमो अब पड़ोसी राज्य ओड़िशा में भी खुद को और मजबूत करना चाहता है। इसलिए वहां पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की कमान अंजलि सोरेन के हाथों में सौंपी गयी है। अंजलि झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन की बेटी हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव में मयूरभंज सीट से झामुमो की उम्मीदवार भी थीं। हालांकि उन्हें चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा थ, लेकिन चुनाव में मिले 135432 मत ने यह बता दिया है कि अंजलि सोरेन की वहां कितनी मजबूत पकड़ है। ऐसे में पार्टी को यकीन है कि यहां की गयी मेहनत आनेवाले दिनों में रंग ला सकती है।

संगठन मजबूत करना है मकसद

झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने बताया कि झामुमो का ओड़िशा में अच्छा संगठन है और पार्टी इसे और मजबूत करना चाहती है। इसलिए पूर्व की समिति को भंग करते हुए शनिवार को जो ओड़िशा प्रदेश समिति बनायी गयी है, उसमें अध्यक्ष की जिम्मेवारी अंजलि सोरेन को दी गयी है जबकि उपाध्यक्ष महेश चंद्र हेंब्रम बनाये गये हैं। वहीं, महासचिव की जिम्मेदारी रामचंद्र हांसदा और कोषाध्यक्ष की जिम्मेवारी प्रह्लाद पूर्ति को दी गयी है।

कार्यकारिणी सदस्य के रूप में सवियन आइंद, रामचंद्र मुर्मू, लेथा तिर्की का चयन किया गया है। ये टीम दो महीने में ओड़िशा के सभी जिलों और नगर में समिति का गठन करेगी और केंद्रीय कार्यालय को रिपोर्ट देगी।

केंद्रीय समिति को देगी फीडबैक

विनोद पांडेय ने बताया कि ओड़िशा के सभी जिलों और नगरों में समिति का गठन होने के बाद जो रिपोर्ट केंद्रीय कार्यालय को मिलेगी, उसके आधार पर संंगठन को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम तय किये जायेंगे। झामुमो की केंद्रीय समिति जमीनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रदेश समिति के साथ मिल कर विस्तार की रणनीति बनायेगी।

जनजातीय वोटरों पर है पार्टी की निगाह

ओड़िशा में झामुमो के लिए अपार संभावनाएं हैं। 2011 के सेंसस के अनुसार ओड़िशा में जनजातीय समुदाय की आबादी 95,90,756 है। ये ओड़िशा की कुल आबादी का 22.85 फीसदी है। इसी आबादी में पैठ बना कर झामुमो यहां विस्तार करना चाहता है।

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