प्रशांत झा
रांची। झारखंड में टीके की बर्बादी को लेकर एक बार फिर विवाद पैदा हो गया है। गुरुवार को मीडिया में सरकारी आंकड़ों का हवाला देकर बताया गया था कि राज्य में 39 प्रतिशत टीका बर्बाद हो गया है। दूसरी तरफ झारखंड में इसकी सच्चाई यह है कि यहां टीके की बर्बादी नहीं के बराबर है। राज्य को अब तक जितना टीका मिला है, उसका लगभग 84 फीसदी उपयोग हो चुका है। अभी राज्य के पास 7.5 लाख टीका स्टॉक में है।
56 लाख टीके मिले, 47 लाख को दिया गया
राज्य में जनवरी से टीकाकारण अभिायन शुरू हुआ है। पहले हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर को टीका दिया गया। इसके कुछ दिन बाद बुजुर्गों के लिए टीकारकरण शुरू हुआ। अप्रैल से 45 प्लस और 14 मई से 18 प्लस के लिए टीकाकरण शुरू हुआ है। जनवरी से 10 जून तक राज्य को सभी श्रेणियों को मिला कर 56 लाख 72 हजार 480 टीके मिले। इनमें राज्य सरकार द्वारा 18 प्लस के लिए खुद खरीदा गया आठ छह हजार 440 टीका भी शामिल है। राज्य में 10 जून तक 47 लाख 98 हजार 134 लोगों को टीका दिया गया है। इनमें 40 लाख 32 हजार 279 को पहला डोज और सात लाख 65 हजार 855 लोगों को दूसरा डोज शामिल है।
स्टॉक में 7.85 लाख टीका, बर्बादी महज 3.5 फीसदी
राज्य स्तर पर 45 प्लस के कोटे में छह लाख 50 हजार टीका उपलब्ध है, जबकि 18 प्लस की श्रेणी के लिए 1.35 लाख टीका उपलब्ध है। यानी 11 जून को कुल 7.85 लाख टीका राज्यस्तर पर स्टॉक में है। इस हिसाब से झारखंड में महज 3.5 फीसदी टीके की बर्बादी हुई है। जिलों का स्टॉक अपडेट होने के बाद यह आंकड़ा और कम होने की उम्मीद है।
अंजान स्रोत का आंकड़ा दिया गया
गुरुवार को टीके की बर्बादी को लेकर जो आंकड़ा जारी किया गया था, वह पूरी तरह काल्पनिक था। जानकारी के अनुसार किसी अज्ञात स्रोत के आंकड़े को आधार बना कर झारखंड में सबसे अधिक बर्बादी की बात कह गयी गयी थी।
कोवैक्सीन आया, फिलहाल संकट दूर
रांची। राज्य में पिछले कुछ दिनों से कौवैक्सीन की कमी के कारण संकट गहरा गया था। लोग दूसरा डोज लेने के लिए भी भटक रहे थे। कोवैक्सीन का संकट फिलहाल दूर हो गया है। 18 प्लस की श्रेणी के लिए गुरुवार रात को 43 हजार कोवैक्सीन का डोज आया। शुक्रवार को 17 जिलों को टीका उपलब्ध करा दिया गया। यह दूसरा डोज लेने वाले 18 प्लस वालों को दिया जायेगा। कोवैक्सीन का दूसरा डोज 28 दिन बाद लिया जा सकता है। राज्य में 18 प्लस के लिए 14 मई से टीकाकरण शुरू हुआ था, यानी शनिवार से दूसरा डोज लेने वाले युवा भी आने लगेंगे।