रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े शेल कंपनी मामले में गुरुवार को वर्चुअल सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी। मामला माइनिंग लीज और आय से अधिक संपत्ति के मामले से जुड़ा है। सुनवाई चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एस एन प्रसाद की बेंच में हुई।
दोनों ही मामलों के प्रार्थी शिव शंकर शर्मा हैं जिनके अधिवक्ता राजीव कुमार हैं। सरकार की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने माइनिंग लीज और शेल कंपनी से संबंधित मामले पर दस्तावेज कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया। साथ ही याचिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामला शीर्ष अदालत में लंबित है। कपिल सिब्बल ने कहा कि दोनों याचिकाओं की मेरिट को लेकर शीर्ष अदालत में एसएलपी दायर की गई है। तबतक के लिए सुनवाई स्थगित की जाए। मामले में इडी की ओर से अपर सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू और प्रशांत पल्लव मौजूद रहे। इस दौरान कपिल सिब्बल ने सुनवाई पूरी करने का आग्रह किया।
इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम भी आज सुनवाई पूरी करना चाहते हैं। इस पर प्रार्थी पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि सुनवाई कल पूरी करें। चीफ जस्टिस ने कहा कि कल कोर्ट बंद है। ईडी के अधिवक्ता एसवी राजू ने कहा कि मामले की मेरिट पर सुनवाई जारी है। उनकी ओर से शनिवार को बहस पूरी करने की मांग की गई। इस पर कोर्ट ने कहा कि शनिवार को सुनवाई पूरी करना व्यावहारिक नहीं है।
चीफ जस्टिस ने बार-बार पंकज मिश्रा और पिंटू का नाम आने पर कहा कि हमने ये नाम बार-बार सुना है। महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि अभिषेक पिंटू से जुड़ी कंपनियों के मामले गलत हैं। ग्रैंड माइनिंग में महाधिवक्ता की ओर से दलील पेश करने पर चीफ जस्टिस ने असहमति जताई। साथ ही कहा कि मामले की जांच करा लेते हैं, जांच से डर कैसा ? ऐसे भी जांच कराने का मतलब ये नहीं है कि उक्त व्यक्ति को दोषी करार दे दिया गया है।