हनोई/बीजिंग। दक्षिण चीन सागर से लगे वियतनाम के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में लगभग एक महीने से संचालित चीनी अनुसंधान जहाज और उसको सुरक्षा देने वाले जहाज को सोमवार को भारी विरोध के बाद वियतनाम की समुद्री सीमा से हटना पड़ा है।

पोत-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, चीनी पोत जियांग यांग होंग 10 ने 7 मई को वियतनाम के ईईजेड में पहुंचा था। इस पोत के जहाजों ने करीब दर्जन भर रूसी कंपनियों द्वारा संचालित गैस और तेल क्षेत्रों को पार किया। जानकारी के अनुसार आधी रात के आसपास वियतनाम के ईईजेड को छोड़कर चीनी जहाज और उसके दल के आधा दर्जन से अधिक जहाजों ने वापस चीन के हैनान द्वीप की यात्रा शुरू की। जहाजों की आवाजाही के बारे में पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय ने हैनान की वापसी के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि चीनी अनुसंधान जहाजों के लिए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत पानी में सामान्य अनुसंधान गतिविधियों को करना वैध और कानूनी है, और अन्य देशों के विशेष आर्थिक क्षेत्रों में प्रवेश करने के बारे में ऐसा कोई मुद्दा नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, ईईजेड के माध्यम से जाने की अनुमति है, लेकिन अनधिकृत सर्वेक्षण की अनुमति नहीं है। जहाजों को विदेशी दक्षिण चीन सागर में चीन के संचालन लंबे समय से इस क्षेत्र के देशों के लिए समस्या का कारण रहा है।

25 मई को सार्वजनिक विरोध में, वियतनाम की सरकार ने वरिष्ठ रूसी अधिकारी दिमित्री मेदवेदेव द्वारा हनोई की यात्रा के बाद चीनी अनुसंधान जहाज और उसके अनुरक्षण से देश के ईईजेड को छोड़ने का आग्रह किया था। इस घटना के बीच वाशिंगटन और बीजिंग के बीच हाल की घटना के बाद बढ़ते आक्रोश को देखा जा सकता है।

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