पलामू। पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में वर्ष 2014 से अबतक केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में भ्रष्टाचार युक्त यूपीए सरकार शासन में थी। देश में घोटाले पर घोटाले हो रहे थे। सरकार की पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति में थी। आज देश स्कैम से निकलकर स्कीम पर पहुंच गया है। एनडीए गठबंधन की सरकार में जनकल्याण से लेकर देश के आर्थिक विकास से जुड़ी योजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं। देश की पॉलिसी नई ऊंचाइयों को छू रही है। दमदार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार गतिशील है। परिणाम स्वरूप आज देश दुनिया में ब्राइट स्पॉट बन चुका है, जो कांग्रेस के शासनकाल में ब्लैक स्पॉट था।
सांसद विष्णु दयाल राम ने सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) के प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि बगैर नौकरी दिए पलामू जिला में रजहरा कोयला खदान को चालू नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही कहा कि रजहरा कोयला खदान में उत्पादन इसलिए शुरू नहीं है कि गांववासियों की अधिग्रहित जमीन के बदले मुआवजा में उन्हें अबतक नौकरी नहीं मिली है।
सांसद ने मेदिनीनगर के चियांकी हवाई अड्डे के बारे में कहा कि इसे विस्तारित करने के लिए भारत सरकार ने झारखंड सरकार को 83 करोड़ रुपये दिये हैं। फिलहाल अभी जितने क्षेत्र में चियांकी हवाई अड्डा है, वह नागरिक उड्डयन के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए निकटवर्ती जमीन को अधिग्रहण किया जाना है और राज्य सरकार इस मामले में कोई सहयोग नहीं कर रही है।
सांसद ने यह भी कहा कि बहु प्रतीक्षित उतर कोयल परियोजना (मंडल डैम) की कंपनसेशन राशि अगले 15 से 20 दिनों वितरित कर दी जायेगी। इसके बाद यहां निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि मुआवजा राशि का वितरण नहीं होने के कारण निर्माण शुरू होने में वक्त लगा।
सांसद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पलामू और गढ़वा जिले में 20-20 मेगावाट की सोलर बिजली प्लांट लगनी थी, इसके लिए 100 एकड़ जमीन जिला प्रशासन को मुहैया करानी थी लेकिन राज्य सरकारी की उदासीनता के कारण आज तक जमीन नहीं मिली। नतीजा सोलर प्लांट का मामला लटका हुआ है।
इस मौके पर भाजपा झारखंड प्रदेश के प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा, जिलाध्यक्ष विजयानंद पाठक, वरिष्ठ नेता श्याम नारायण दुबे, विधायक आलोक चौरसिया, महा जनसंपर्क अभियान के विभाकर नारायण पांडे, अविनाश वर्मा, प्रफुल्ल सिंह, शिवकुमार मिश्रा, विजय ओझा, सोमेश सिंह, सुनील पासवान एवं वरीय नेता परशुराम ओझा व विपिन सिंह मौजूद थे।