लातेहार। झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन गुरुवार को लातेहार सदर प्रखंड के उदयपुरा और मतनाग गांव में ग्रामीणों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि वह खुद तमिलनाडु के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। इसलिए गांव की परिस्थितियों से वह भलीभांति परिचित हैं।
राज्यपाल ने कहा कि जब उन्होंने झारखंड में राज्यपाल के पद पर शपथ ग्रहण किया था तो उसी समय उन्होंने यह सोच लिया था कि अब ग्रामीणों को राजभवन आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि राजभवन खुद ग्रामीणों के पास जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के लिए राजभवन का दरवाजा भी हमेशा खुला है। ग्रामीण अपनी किसी भी समस्या को लेकर बेझिझक राजभवन आकर उनसे मिल सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि यह भारत की एकता का मिसाल है कि तमिलनाडु के एक गांव का रहने वाला व्यक्ति आज झारखंड के गांव में पहुंचकर लोगों से मिल रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि गांव में आकर ग्रामीणों से संवाद करने का उनका मुख्य मकसद यह है कि ग्रामीणों की समस्याओं को नजदीक से जान सके और यह समझ सके कि ग्रामीणों की खुशहाली के लिए और क्या किया जा सकता है? उन्होंने कहा कि देश का विकास तभी संभव है जब गांव का विकास होगा। हमारे देश की आत्मा गांवों में बसती है।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने धनबाद में हुए बिजली के पोल हादसे में मृत संजय भुइयां और दिनेश भुइयां के परिजनों को मुआवजे की राशि भी प्रदान की। साथ ही समाज के लिए बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। सरकारी स्कूलों में पढ़ने के बावजूद बेहतर रिजल्ट लाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। साथ ही लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का भी वितरण किया।
इससे पूर्व लातेहार आगमन पर राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पलामू आईजी राजकुमार लकड़ा, लातेहार डीसी भोर सिंह यादव, लातेहार एसपी अंजनी अंजन, डीएफओ रोशन कुमार आदि अधिकारी उपस्थित रहे।