मांडर। ब्राम्बे के संत पीटर चर्च में शनिवार को परम प्रसाद और दृढ़करण संस्कार का आयोजन किया गया। इसमें कैथोलिक के 30 बच्चों ने प्रभु यीशु के परम प्रसाद को संस्कार के रूप मे ग्रहण किया। वहीं 60 बच्चों ने पहली बार दृढ़ीकरण संस्कार ग्रहण किया। धर्मविधि की अगुवाई आर्चबिशप विसेंट आइंद ने की। इससे पहले आर्चबिशप विसेंट आइंद का जोरदार स्वागत किया गया। नाचते-गाते और ढोल-नगाड़ा बजाते आर्चबिशप विसेंट आइंद को चर्च में प्रवेश कराया गया। मिस्सा बलिदान अर्पित करने के बाद सभी बच्चों का संस्कार कराया गया।आर्चबिशप ने बच्चों को पवित्र आत्मा के सात वरदानों
का मर्म समझाया
आर्चबिशप विसेंट आइंद ने बच्चे और बच्चियों को पवित्र आत्मा के सात वरदानों का मर्म समझाया। कहा कि पवित्र आत्मा जीवन जीने में सहायता करते हैं। जिससे हमारा जीवन संचालित होता है। जीवन का मिशन कार्य पूरा होता है। इसमें पवित्र आत्मा सहायता करते हैं। तभी हम अपने जीवन में सफल होते हैं। प्रत्येक कलिसिया की जिम्मेदारी है कि ख्रीस्तीय जीवन जीने में प्रयासरत रहे, ताकि परमेश्वर की योजनाओं को पूरा कर सके। मौके पर ब्राम्बे के पल्ली पुरोहित इरेनियूस केरकेट्टा, सहायक पुरोहित फादर प्रदीप मिंज और फादर रोशन टोप्पो, फादर एडवाड, फादर असीम मिंज समेत अन्य धर्म विश्वासी मौजूद रहे।