रांची। श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के अंतर्गत संचालित पीजी डिप्लोमा इन काउंसलिंग गाइडेंस एंड रिहैबिटेशन पाठ्यक्रम में नामांकन प्रारंभ है। इस एक वर्ष की अवधि वाले पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए मनोविज्ञान में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाले आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए शत-प्रतिशत सरकारी अनुदान प्राप्त होता है।
पूर्व में एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन काउंसलिंग गाइडेंस एंड रिहैबिटेशन पाठ्यक्रम की समाप्ति के बाद उत्तीर्ण विद्यार्थी विभिन्न अस्पतालों, विद्यालयों और मैरिज ब्यूरो जैसे संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को इंटर्नशिप देश और राज्य के प्रतिष्ठित संस्थाओं से करने का अवसर प्राप्त होता है। कुलपति तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि रोजगारपरक पाठ्यक्रम में विश्वविद्यालय आनेवाले सत्र में जल्द ही पाठ्यक्रम की उपयोगिता के प्रासंगिक देश और राज्य के संस्थाओं को कैंपस प्लेसमेंट के लिए विभागीय स्तर पर आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। पाठ्यक्रम में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन पत्र भर सकते हैं और उसकी हाडकॉपी मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष मीनाक्षी कुजूर के पास जमा कर सकते हैं। यह जानकारी पीआरओ प्रो राजेश कुमार सिंह ने दी।