पलामू। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के पलामू जिला अध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने पलामू उपायुक्त से मुलाकात कर जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली, सड़क की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
उपायुक्त के साथ हुई बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने जिले के लोगों को प्रभावित करने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। आशुतोष तिवारी ने बताया कि उपायुक्त ने मांग पत्र में शामिल सभी जायज मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में आशुतोष तिवारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि मेदिनीनगर-जोरकट स्थित टोल प्लाजा पर नियमों की अनदेखी कर आम जनता से टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जबकि संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। उन्होंने कहा कि अधूरी सड़क पर टोल वसूली करना जनता के साथ अन्याय है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कंपनी पुरानी सड़क की मरम्मत तक नहीं करा रही है, जिसके कारण सड़क पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने टोल प्लाजा कर्मियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। आशुतोष तिवारी ने कहा कि स्थानीय वाहन चालकों और नागरिकों के साथ टोल कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्थानीय लोगों के लिए विशेष शिविर लगाकर वाहन पास जारी किए जाएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों और आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।
इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पलामू को निजी लाभ का केंद्र समझने वाले अधिकारी और कर्मचारी अपनी कार्यशैली में सुधार करें। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रहेगी और टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली तथा भय के माहौल को समाप्त करने के लिए आवाज उठाती रहेगी।
प्रतिनिधिमंडल में जिला सचिव वारिस आलम, युवा नेता अबू फैजल, राकेश विश्वकर्मा सहित कई कार्यकर्ता एवं प्रबुद्ध नागरिक शामिल थे।

