फिरोजाबाद। फिरोजाबाद में गुरुवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब लखनऊ से दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आई। यह घटना फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के पास पेमेश्वर गेट के नजदीक हुई, जिसमें ट्रेन के ई-वन कोच का शीशा टूट गया। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई।
जानकारी के अनुसार, इसी कोच में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे। घटना के बाद ट्रेन में मौजूद स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, बताया जा रहा है कि भागवत जिस स्थान पर बैठे थे, उस तरफ कोई नुकसान नहीं हुआ।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर करीब साढ़े तीन बजे लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। शाम लगभग सात बजे के आसपास फिरोजाबाद के पास ट्रेन पर अचानक एक पत्थर आकर लगा, जिससे कोच की खिड़की का कांच टूट गया। घटना के तुरंत बाद कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और टूंडला स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
सुरक्षा एजेंसियों ने पेमेश्वर गेट और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। जांच के दौरान एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी शराबी व्यक्ति द्वारा पत्थर फेंका गया हो सकता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त विनीत सागर ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं जीआरपी थाना प्रभारी शेर सिंह ने पुष्टि की कि पत्थर उसी कोच पर लगा जिसमें आरएसएस प्रमुख यात्रा कर रहे थे, हालांकि वे दूसरी ओर बैठे हुए थे। इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं, जबकि अधिकारी पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं।

