रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर विधानसभा परिसर में जमकर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। इस हंगामे के बीच कांग्रेस के थिंक-टैंक और देश के दिग्गज कानूनविद् सलमान खुर्शीद को विधानसभा के मुख्य द्वार पर ही रोक दिया गया, जिसके कारण वह स्क्रूटनी की बहस में शामिल नहीं हो सके। इस घटना से नाराज कांग्रेस विधायक और मंत्री इरफान अंसारी ने सीधे चुनाव आयोग पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से भाजपा के ‘रिमोट कंट्रोल’ के इशारे पर काम कर रहा है।
नियमों के दोहरे मापदंड और भाजपा की एंट्री
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग नामांकन की जांच में दोहरा मापदंड अपना रहा है। नेताओं का कहना है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के पर्चे में मामूली त्रुटि होने पर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया था, लेकिन झारखंड में परिमल नाथवानी के आवेदन में कमियां होने के बावजूद उन्हें सुधार के लिए अतिरिक्त समय (ग्रेस पीरियड) दे दिया गया।
दूसरी तरफ, इस दंगल में भाजपा की भी एंट्री हो गई है। बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने गेट संख्या 2 पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अंदर बैठकर राजनीति कर रहे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं को बाहर ही रोक दिया गया है। सीपी सिंह ने इस भेदभाव के खिलाफ विधानसभा सचिव से लिखित शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है।

