“देश के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल आज खत्म हो रहा है। प्रणब मुखर्जी आज शाम राष्ट्रपति के तौर पर देशवासियों को आखिरी बार संबोधित करेंगे। वहीं, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उत्तराधिकारी और देश के अगले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 25 जुलाई को शपथ ग्रहण करेंगे।”

25 जुलाई, 2012 को भारत के 13वें राष्ट्रपति के तौर पर जिम्मेदारी संभालने वाले प्रणब मुखर्जी आज राष्ट्रपति भवन में एक विदाई रात्रिभोज भी देंगे। इस भोज में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तमाम केंद्रीय मंत्री, राजनीतिक पार्टियों के नेता और अन्य प्रमुख लोग शामिल होंगे।

इससे पहले राष्ट्रपति मुखर्जी को रविवार को संसद के सेंट्रल हॉल में विदाई दी गई। इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और विपक्ष के तमाम अहम नेता मौजूद थे। इस मौके पर दिए भाषण में प्रणब मुखर्जी ने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘मैं पीएम मोदी के जोश और ऊर्जा का मुरीद हो गया हूं और उनकी यादों को अपने साथ लेकर जा रहा हूं।’ अपने भाषण में प्रणब दा ने कहा,’मुझे हर कदम पर देश में मूलभूत बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जोश और ऊर्जा से भरी सलाह और सहयोग का फायदा मिला है’।

रविवार को अपने विदाई समारोह के दौरान मुखर्जी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है विधान निर्माण हेतु समर्पित संसद का समय कम होता जा रहा है। इसके सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन की लगातार बढ़ती जटिलता को देखते हुए विधानों को संसद में रखे जाने से पूर्व ही इनकी संवीक्षा की जानी चाहिए और उन पर पर्याप्त चर्चा की जानी चाहिए। प्रणब मुखर्जी ने आगे कहा कि जब संसद कानून बनाने की अपनी भूमिका में असफल रहती है या बिना किसी चर्चा के कानून बनाती है, तो यह संसद के प्रति लोगों के विश्वास को खंडित करता है।

गौरतलब है कि देश के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अब राष्ट्रपति भवन छोड़कर दिल्ली के 10 राजाजी मार्ग पर रहेंगे। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद अपने निधन तक इसी बंगले में रहे थे। कलाम के निधन के बाद 10 राजाजी मार्ग केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा को आवंटित किया गया था, जिसके बाद महेश शर्मा ने 10 राजाजी मार्ग का बंगला खाली कर दिया और 10 अकबर रोड के बंगले में चले गए।

इससे पहले प्रणब मुखर्जी देश के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, और वित्त मंत्री समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अपने बेहद लंबे राजनीतिक सफर के दौरान प्रणब दा पांच बार राज्य सभा सांसद और दो बार लोकसभा सांसद चुने गए।

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