मामला न्यायाधिकरण में है, इस पर चर्चा संभव नहीं : स्पीकर
रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी सदन की कार्यवाही हंगामे के बीच शुरू हुई। सदन की कार्यवाही ठीक 11.06 बजे शुरू हुई। सबसे पहले सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने खड़े होकर राजमहल विधायक अनंत ओझा को फोन पर मिल रही धमकियों के बारे में कहा। इस पर हेमंत सोरेन ने चुटकी भी ली।
चार साल से सिर्फ तारीख ही मिल रही है: हेमंत
प्रदीप यादव ने कार्य स्थगन प्रस्ताव भी लाया। कहा कि विधायकों की खरीद-फरोख्त की जांच सीबीआइ द्वारा करायी जाये। उन्होंने कहा कि यह मामला चुनाव आयोग के पास भी है। विधानसभा कोर्ट के पास भी है। खरीद-फरोख्त की जांच सीबीआइ से करायी जाये। इस दौरान सीपी सिंह और बिरंची नारायण ने प्रदीप यादव के कार्य स्थगन प्रस्ताव के बाद काफी जोर-शोर से अपनी बात रखी। बिरंची नारायण ने सदन में कहा कि साबित करें कि मैंने एक करोड़ रुपये मंत्री अमर बाउरी को दिये हैं। इस पर सीपी सिंह ने भी खड़े होकर कहा कि बाबूलाल मरांडी, जो झारखंड के पहले मुख्यमंत्री थे, उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था। ऐसा करके उन्होंने अपनी छवि धूमिल की है। चुनौती देता हूं कि आरोप को साबित करें। साथ ही यह भी कहा कि क्या हमारी औकात सिर्फ दो करोड़ की है। सीपी सिंह ने सदन में यह कहा कि बाबूलाल मरांडी जेल जायेंगे, आप देख लीजियेगा कि रांची के होटवार जेल बाबूलाल मरांडी को हम लोग भेज कर रहेंगे। विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा कि मामला न्यायाधिकरण में है। इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती। इस पर हेमंत सोरेन ने कहा कि आखिर जिस न्यायालय में इस मामले की सुनवाई चल रही है वह न्यायालय कितनी तारीख देगी। हर सुनवाई में बस तारीख ही मिलती आ रही है और सरकार के चार साल निकल गये। इसी गहमागहमी के बीच भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे को देखते हुए 11.26 बजे स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 12.15 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद जब 12.20 में कार्यवाही शुरू हुई, तो फिर विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। इस बीच सीएजी की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गयी। इसके बाद हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने चार मिनट बाद ही कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हंगामे की वजह से शुक्रवार को भी प्रश्नकाल नहीं हो सका।
विधानसभा के बाहर भी पक्ष-विपक्ष का प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी विस के बाहर हाथों में तख्तियां लिये विरोध जताते दिखे। सत्ता पक्ष के विधायकों ने गरीब आदिवासियों के धर्म परिवर्तन कराये जाने का विरोध किया। इधर विपक्ष के विधायक भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक, विधायकों की खरीद-फरोख्त जैसे मसलों को लेकर हाथों में तख्तियां लिये विरोध जताते नजर आये।
हेमंत ने सीपी को कहा: बुजुर्ग नेता हैं, मर्यादा में रह काम करें
मंत्री सीपी बोले: बुजुर्ग कह गाली मत दें, अभी तो मैं जवान हूं
रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भले ही पक्ष और विपक्ष में जमकर नोकझोंक चल रही हो, लेकिन इस बीच कभी-कभी ऐसी बातें हो जाती हैं, जिस पर जमकर ठहाके लगते हैं। ऐसा ही वाकया शुक्रवार को सामने आया, जब अपनी बात कहते-कहते नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने शहरी विकास मंत्री सीपी सिंह को बुजुर्ग कह डाला। दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने मंत्री सीपी द्वारा गुरुवार को देशद्रोही कहने पर अपनी आपत्ति दर्ज करायी। झामुमो के विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि इस मामले में मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। मरांडी ने कहा कि उन्हें अफजल गैंग के सदस्य और देशद्रोही बताया गया। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि अखबारों में यह बात बड़ी प्रमुखता से छपी है। इस पर मंत्री सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि ना तो वह अखबार के मालिक हैं, न संपादक हैं और न रिपोर्टर हैं। ऐसे में किस अखबार में क्या छपा है, कैसे कह सकते हैं। वहीं, हेमंत सोरेन ने कहा कि इस सरकार के खिलाफ जो आवाज उठा रहा है, उसे कुचलने की कोशिश हो रही है। आइडेंटीटी क्राइसिस हो गया है। सदन को बाजार बना कर रख दिया गया है। इसके बाद कहा, सीपी सिंह जैसे बुजुर्ग नेता अगर ऐसा करेंगे, तो कैसे चलेगा। कहा-बुजुर्ग नेता हैं, मर्यादा में रह कर काम करें। इस पर मंत्री सीपी सिंह ने आपत्ति जतायी। मंत्री ने स्पीकर की ओर इशारा करते हुए कहा कि अध्यक्ष महोदय, बुजुर्ग कह कर मुझे गाली दे रहे हैं। अभी तो मैं जवान हूं। किसी जवान को बुजुर्ग नहीं कहना चाहिए। बता दें कि सीपी सिंह 1996 से लगातार रांची विधानसभा का प्रतिनधित्व कर रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले सीपी सिंह 1978 से जनता पार्टी से जुड़े और फिर 1980 से बीजेपी में हैं।