मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की सीबीआई जांच के साथ ही मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर की मुश्किलें और बढ़ती दिख रही हैं। शेल्टर होम में लड़कियों के साथ की गई हैवानियत की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी ने मामला दर्ज भी कर लिया है। इस बीच ब्रजेश ठाकुर के एक और आश्रय गृह से 11 महिलाओं के लापता होने की खबर सामने आई है। इस मामले में भी ब्रजेश के खिलाफ अब केस दर्ज कर लिया गया है। उधर, इस मामले को लेकर सियासत भी गर्म है। मंगलवार को आरजेडी सांसदों ने संसद परिसर में इस मामले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बता दें कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। लड़कियों से रेप के मामले में सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। मामले में बालिका गृह साहू रोड के अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि बालिका गृह में रह रही लड़कियों का शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण किया जाता था।
34 बच्चियों से हैवानियत
अभी तक की मेडिकल जांच में कम से कम 34 बच्चों के साथ रेप की पुष्टि हुई है। कुछ पीड़ितों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें नशीले पदार्थ दिए जाते थे और मारा-पीटा जाता था। उसके बाद रेप किया जाता था। कइयों को पेट में दर्द की शिकायत बनी रहती थी और करीब 44 पीड़ित खुद को सुबह उठकर निर्वस्र पाते थे। एक नाबालिग बच्ची ने पुलिस को बताया कि उन्हें रात को खाने के बाद सफेद और गुलाबी गोलियां दी जाती थीं जिसे खाकर वह सो जाते थे।
63 दवाइयां बरामद, ड्रग्स के रैपर्स भी
मामले की एफआईआर लिखे जाने के दो महीने बाद डॉक्टरों की एक टीम ने वहां पहुंचकर एक कमरे की जांच की है। टीम ने वहां इस्तेमाल कि गईं 63 दवाइयों और ड्रग्स के रैपर्स की एक लिस्ट बनाई है। उन सभी का परीक्षण किया जाएगा। एक्सपर्ट्स ने शेल्टर होम से बच्चियों के कपड़े और एक कंप्यूटर भी बरामद किए हैं। इस मामले के खुलासे के बाद से ही बिहार की राजनीति गरमाई हुई है।