नयी दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से राफेल विमान सौदे को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग जारी है। इसी बीच रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को खत लिखा था। अंबानी ने इन आरोपों को खारिज किया है कि उनके रिलायंस समूह के पास राफेल लड़ाकू जेट सौदे के लिए अनुभव की कमी है। उन्होंने राहुल को बताया कि फ्रेंच ग्रुप डसॉल्ट ने उन्हें स्थानीय साझीदार के रूप में चुना इसमें सरकार का कोई रोल नहीं था।
इस डील में सरकार की नहीं कोई भूमिका
खबरों के अनुसार अंबानी ने यह खत 12 दिसंबर, 2017 को लिखा था। उन्होंने खत की प्रतियां राहुल गांधी, कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी भेजी थी। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन ने कांग्रेस अध्यक्ष को बताया कि उनके समूह को अरबों डॉलर का यह सौदा क्यों मिला है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि फ्रांसीसी समूह डसॉल्ट द्वारा उनकी कंपनी को स्थानीय भागीदार के रूप में चुनने में सरकार की कोई भूमिका नहीं है।