इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा 15 अगस्त तक कोरोना वायरस का वैक्सीन लॉन्च करने के दावे को वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने अवैज्ञानिक ठहराया है। उन्होंने कहा है कि आईसीएमआर के दावों में कोई सच्चाई नहीं है, सिर्फ लोगों को भरमाया जा रहा है। हालांकि डीजीसीआई ने भारत बायोटेक की कोवाक्सिन और जायडस कैडिला की जायकोव-डी वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी दी है।
कपिल सिब्बल ने सोमवार को ट्विटर पर लिखा है, आईसीएमआर का 15 अगस्त को कोरोना वायरस की वैक्सीन का दावा अवैज्ञानिक है। यह वैसा ही है जैसे प्रधानमंत्री ने कहा था कि महाभारत 18 दिनों में खत्म हो गई थी और कोरोना से जंग हम 21 दिनों में जीतेंगे। अवैज्ञानिक तथ्यों की सूची में गाय के गोबर से कैंसर जैसी बीमारी के ठीक होने की मानसिकता से कभी किसी को फायदा नहीं होगा। इस प्रकार की सोच से कभी समाधान नहीं निकल सकता।
दरअसल, कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी आईसीएमआर द्वारा भारत बायोटेक और मेडिकल कॉलेजों के मुख्य जांचकर्ताओं को लिखे पत्र के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि स्वदेशी कोरोना वायरस वैक्सीन की परीक्षण प्रक्रिया को एक फास्ट ट्रैक विधि में पूरा किया जाए। ताकि 15 अगस्त तक क्लीनिकल ट्रायल के परिणाम लॉन्च किए जा सकें। उनका कहना है कि बिना जांच के पहले ही घोषणा करना कि कोरोना जैसी समस्या का समाधान मिल गया है, यह वैज्ञानिक तथ्यों पर खरा नहीं उतरता।