Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Tuesday, June 9
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»राज्य»बिहार»प्रवासियों का दर्द : गांव में भूखा मरने से बेहतर है परदेस में कोरोना से लड़कर मरना
    बिहार

    प्रवासियों का दर्द : गांव में भूखा मरने से बेहतर है परदेस में कोरोना से लड़कर मरना

    shivam kumarBy shivam kumarJuly 15, 2020No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email
    बेगूसराय, लॉकडाउन होने के कारण परेशान होकर घर वापस लौटे कामगारों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार ने विभिन्न तरह की योजनाएं शुरू की हैंं लेकिन सारी कवायद के बावजूद प्रवासियों के वापस परदेस जाने का सिलसिला काफी तेज हो गया है। प्रत्येक दिन बेगूसराय के कम से कम पांच सौ कामगार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश का रुख कर रहे हैं।
    लॉकडाउन में वापस घर लौटे प्रवासी मजदूरों के मालिकों ने अधिक मजदूरी देने का प्रलोभन देते हुए रोज-रोज फोन किया।खाते में मालिकों ने एडवांस में पैसा भेज दिया। वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस के स्लीपर एवं एसी का टिकट भेज दिया। अब यह सब फिर से आंखों में आंसू दिल में गम और काम नहीं मिलने का दर्द लिए परदेस की ओर चल पड़े हैं। ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव सामने हैंं और कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है तो बड़ी संख्या में मजदूरों की परदेस वापसी कहीं ना कहीं राजनीतिक दलों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
    बुधवार को भी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी के विभिन्न हिस्सों में जाने के लिए बड़ी संख्या में कामगारों ने वैशाली एक्सप्रेस का सहारा लिया। स्टेशन पर यह लोग सुबह छह बजे से ही आने लगे थे, जहां थर्मल स्क्रीनिंग और पंजीकरण के बाद ट्रेन में सवार हुए। बुधवार को पत्नी और बच्चों के साथ दिल्ली जा रहे रमेश राय, संतोष राय, मंटू राय, शोभा देवी आदि ने बताया कि हम लोग दिल्ली विभिन्न फैक्ट्री में काम करते हैं। लॉकडाउन में जब दिल्ली की सरकार ने हम लोगों को भुला दिया तो घर आ गए थे, लेकिन यहां भी काम नहीं मिला। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की गई है, लेकिन तमाम योजनाएं लूट का जरिया बन गई है। कम काम करवा कर अधिक की हाजिरी बनाई जा रही है, श्रमिकों के खाते में अधिक पैसा भेजकर निकलवा लिया जाता है। ऐसी हालत गांव में रहकर काम करने से क्या फायदा, यहां काम नहीं मिल रहा है तो भूखों मरने की हालत है।
    इससे बेहतर है कि परदेस में काम करते हुए अपने श्रम को बेचकर भरपेट खाते हुए सपरिवार कोरोना से लड़ें। गांव में भूखा मरने से बेहतर है कि परदेस में कोरोना से लड़कर मर जाना। घर वापस आए थे, काम मिलता तो विधानसभा चुनाव में वोट देकर फिर बाहर जाने पर विचार करते लेकिन अब फिर से प्रवासी बिहारी कहलाने के लिए जा रहे हैं। तमाम राजनीतिक दलों ने बिहार को सिर्फ लूटा है, अपनों के लिए, अपने स्वार्थ के लिए हमेशा काम किया है। आजादी के सात दशक बाद भी आज तक किसी ने हम गरीबों के लिए नहीं सोचा।
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleहरे निशान में खुला शेयर बाजार, सेंसेक्‍स 447 अंक उछला
    Next Article फिर बढ़ी डीजल की कीमतें, जानिए क्या है आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के दाम
    shivam kumar

      Related Posts

      खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत, 20 जून तक गिरफ्तारी पर रोक

      June 9, 2026

      किशनगंज में पुलिस का महा-अभियान: एक हफ्ते में 47 अपराधी गिरफ्तार, डेढ़ करोड़ की स्मैक बरामद

      June 9, 2026

      टीएमसी में टूट की अटकलें तेज, भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचे सुखेंदु शेखर सहित 14 सांसद

      June 8, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • मोदी सरकार के 12 साल पूरे: भाजपा मुख्यालय में लगी ‘विकसित भारत’ प्रदर्शनी, 2047 विजन पर फोकस
      • भगवान बिरसा मुंडा का धर्म-परिवर्तन के खिलाफ संघर्ष और आदिवासी गौरव के प्रति उनका समर्पण प्रेरणा का स्रोत : अमित शाह
      • राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि
      • खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत, 20 जून तक गिरफ्तारी पर रोक
      • धरती आबा बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता के साथ मनाई गई
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version