Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Wednesday, July 1
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Breaking News»झारखंड : उपेक्षा से त्रस्त पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को हॉकी के नाम से भी चिढ़
    Breaking News

    झारखंड : उपेक्षा से त्रस्त पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को हॉकी के नाम से भी चिढ़

    azad sipahiBy azad sipahiJuly 25, 2021No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    -अब भी हर महीने 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद देते हैं पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर

    खूंटी। कई बार विश्व कप सहित कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले और 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में जाबांज सैनिक की भूमिका निभाने वाले गोपाल भेंगरा आज अपने गांव में गुमनाम जीवन जी रहे हैं। कभी परिवार के भरण-पोषण के लिए पत्थर तोड़कर मजदूरी करने वाले गोपाल भेंगरा अब हॉकी का नाम भी लेना नहीं चाहते।

    वे बताते हैं कि उन्होंने 1978 में अर्जेंटाइना में आयोजित विश्व कप हॉकी प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया था। उसी वर्ष उन्होंने पाकिस्तान के साथ टेस्ट मैच में भी भाग लिया था। कई वर्षों तक वे पश्चिम बंगाल के कप्तान भी रहे। वर्ष 1979 में बैंकाक में हुई दक्षिण एशिया हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम के हिस्सा थे। मोहन बागान की ओर से भी उन्होंने कई बार खेला है। इतना होने के बाद जब वे सेवानिवृत्त हो गये और उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गयी, तो किसी ने उनकी सुधि नहीं ली।

    गोपाल भेंगरा बताते हैं कि वे सेवानिवृत्त सैनिक हैं। उन्होेंने पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 हुई लड़ाई में भी भाग लिया था। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पेंशन इतनी कम थी कि परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया। मजबूर होकर उन्होंने पत्थर तोड़ने का काम शुरू किया और उसी मजदूरी से परिवार की गाड़ी खींचने लगे। वे बताते हैं कि पत्थर तोड़ने की खबर एक पत्रिका में छपने के बाद महान क्रिेकेटर सुनील गावस्कर की नजर इस पर पड़ी और वे हर महीने उन्हें आर्थिक मदद देने लगे।

    भेंगरा ने कहा कि आज भी हर महीने गावस्कर उन्हें 15 हजार रुपये भेजते हैं। पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी गोपाल कहते हैं कि उपेक्षा से वे इतने त्रस्त हो गये कि अब उन्हें हॉकी के नाम पर ही चिढ़ होती है। मूल रूप से तोरपा प्रखंड के उयुर गांव के रहने वाले 75 वर्षीय गोपाल भेंगरा इन दिनों खेती-बारी कर जीवन गुजार रहे हैं और अपने पुश्तैनी खपरैल मकान में परिवार के साथ रहते हैं। दो वर्षों तक वे खूंटी के एसएस हाई स्कूल की हॉकी अकादमी के कोच भी रहे। कोच के रूप में उन्हें एक हजार रुपये का भत्ता मिलता था।

    गोंपाल भेंगरा कहते हैं कि हॉकी में जब तक आप के सितारे बुलंद हैं, तब तक ही आपकी पूछ है। खेल छोड़ने के बाद कोई पूछने वाला नहीं है, भले ही आप कितने बड़े खिलाड़ी ही क्यों न हो, जबकि दूसरे खेलों में ऐसी बात नहीं है। वे कहते हैं कि हॉकी ने तो उन्हें पूरी तरह ठुकरा दिया लेकिन महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने उन्हें अपना लिया। गोपाल बताते हैं कि जब भारत-आस्ट्रेलिया मैच में कॉमेंट्री करने गावस्कर रांची आये थे, तो उन्होंने उनसे मिलकर उनके प्रति आभार जताया था।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleटेबल टेनिस में मनिका बत्रा का शानदार प्रदर्शन, तीसरे दौर में पहुंची
    Next Article डेमोक्रेसी में सरकार बदलती रहती है इसलिए झामुमो का टूल न बने पुलिस : बाबूलाल
    azad sipahi

      Related Posts

      राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ‘हूल दिवस’ पर सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि

      June 30, 2026

      अपराध नियंत्रण छोड़ ट्रैफिक चेकिंग में उलझी है पुलिस : कन्हैया सिंह

      June 30, 2026

      देवघर में आधी रात मां-बेटे की हत्या, एसपी ने जांच तेज करने के दिए निर्देश

      June 30, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • इंडी गठबंधन ने चुनाव आयोग के एसआईआर व अन्य मुद्दों पर प्रधान न्यायाधीश को भेजा पत्र
      • YRF का महा-मास्टरस्ट्रोक: ‘अल्फा’ की रिलीज से पहले मेकर्स ने थियेटर्स के लिए जारी किए कड़े नियम!
      • राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ‘हूल दिवस’ पर सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि
      • अपराध नियंत्रण छोड़ ट्रैफिक चेकिंग में उलझी है पुलिस : कन्हैया सिंह
      • देवघर में आधी रात मां-बेटे की हत्या, एसपी ने जांच तेज करने के दिए निर्देश
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version