28 मंत्री पद खाली, 17-22 नये मंत्री शपथ ले सकते हैं
सिंधिया-अनुप्रिया के अलावा तीन पूर्व सीएम होंगे मंत्री
आजाद सिपाही संवाददाता
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट का विस्तार 7 जुलाई को कर सकते हैं। मोदी 2.0 का पहला विस्तार बुधवार को सुबह 11 बजे होगा। कैबिनेट में अभी 28 मंत्री पद खाली हैं। बताया जा रहा है कि 17-22 सांसदों को मंत्री पद की शपथ दिलायी जा सकती है। मोदी ने दो दिन तक गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ कैबिनेट विस्तार पर बैठकें की हैं।
मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में अहम रोल निभानेवाले ज्योतिरादित्य सिंधिया मोदी कैबिनेट का नया युवा चेहरा बन सकते हैं। उनके अलावा जबलपुर से भाजपा सांसद राकेश सिंह का भी नाम है। मध्यप्रदेश से एक-दो नामों की चर्चा कैबिनेट विस्तार के लिए है। बिहार से लोजपा से सांसद पशुपति कुमार पारस और जदयू के आरसीपी सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है। बिहार से दो-तीन नामों की चर्चा है। उत्तरप्रदेश से अपना दल की अनुप्रिया पटेल का नाम सबसे आगे है। अनुप्रिया पिछले महीने दिल्ली जाकर गृह मंत्री अमित शाह से भी मिली थीं। उनके अलावा वरुण गांधी, रामशंकर कठेरिया, अनिल जैन, रीता बहुगुणा जोशी, जफर इस्लाम के नाम की भी चर्चा है। महाराष्ट्र से भाजपा सांसद हिना गावित को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। उनके अलावा भूपेंद्र यादव, पूनम महाजन और प्रीतम मुंडे का नाम भी चर्चा में है।
तीन पूर्व सीएम और एक डिप्टी सीएम की चर्चा
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे को भी केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। तीरथ सिंह रावत ने दो दिन पहले 3 जुलाई को ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इनके अलावा बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। इनके अलावा लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग नामग्याल, उत्तराखंड से अजय भट्ट या अनिल बलूनी, कर्नाटक से प्रताप सिन्हा, पश्चिम बंगाल से जगन्नाथ सरकार, शांतनु ठाकुर या निसिथ प्रमाणिक, हरियाणा से बृजेंद्र सिंह, राजस्थान से राहुल कासवान, ओड़िशा से अश्विनी वैष्णव, दिल्ली से परवेश वर्मा या मीनाक्षी लेखी का नाम भी शपथ लेनेवालों में हो सकता है।
हटाये जा सकते हैं थावर चंद गहलोत
अभी मध्य प्रदेश से मोदी कैबिनेट में चार मंत्री हैं। नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, थावर चंद गहलोत और फग्गन सिंह कुलस्ते। कुलस्ते या थावर चंद में से किसी एक को मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। ज्यादा चर्चा 73 साल के थावर चंद के नाम की है, जो 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद लगातार उनकी कैबिनेट में शामिल रहे हैं।