-मुख्यमंत्री ने कहा, नियुक्तियों का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा

रांची। रांची का मोरहाबादी मैदान शनिवार को ऐतिहासिक पल का गवाह बना। निजी क्षेत्र अंतर्गत स्थानीय नियोजन नीति सह नियुक्ति पत्र वितरण समारोह 11406 युवाओं के लिए खुशियों का पल लेकर आया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इन युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा।

समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभी तो राज्य ने चलना शुरू किया है। यह कारवां रुकेगा नहीं। चाहे सरकारी हो या निजी क्षेत्र। नियुक्तियों का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा। अभी हुनरमंद युवाओं को राज्य में कार्यरत निजी क्षेत्रों की कंपनियों, संस्थानों में काम करने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त करते कहा कि अभी युवाओं को और भी मौके मिलेंगे। राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने की इच्छा रखने वालों और तैयारी करने वालों को सरकार पूरा मदद करेगी।

इस अवसर को अंतिम नहीं समझे

मुख्यमंत्री ने ऑफर लेटर प्राप्त करने वालों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यहां के युवक- युवतियां काफी होनहार है। उनमें हुनर की कोई कमी नहीं है। अब सरकार उनका कौशल विकास कर रोजगार उपलब्ध करा रही है । यहां आपको जो अवसर मिला है, उसे अंतिम नहीं समझे । जीवन में और भी कई अवसर मिलेंगे ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के नौजवानों के कौशल विकास के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है । इसके अलावा उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो सके और वे सभी बेहतर जीवन यापन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार की खातिर राज्य के से बड़ी संख्या में लोगों का पलायन होता है। यह पलायन कैसे रूके। इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

पहली बार बनी नियुक्ति नियमावली

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद झारखंड में नियुक्ति नियमावली कभी बनी ही नहीं। ऐसे में कैसे बहाली होती, यह हम सहज ही समझ सकते हैं लेकिन हमारी सरकार ने ना सिर्फ नियुक्ति नियमावली ही बनाई, बल्कि खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यमों से नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएससी की प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता बरती जा रही है। इसी का नतीजा है सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में 30 से ज्यादा बीपीएल परिवार के बच्चे सफल हुए हैं और वे राज्य के अलग-अलग प्रखंडों, अनुमंडल और जिलों में बीडीओ सीओ और डीएसपी समेत अन्य पदों पर तैनात होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएससी की परीक्षाओं में ज्यादा से ज्यादा गरीब बच्चों को अवसर मिले। इसके लिए हमारी सरकार ने आवेदन शुल्क को कम कर दिया है । सामान्य श्रेणी के परीक्षा शुल्क सौ रुपये है जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति के अभ्यर्थियों को मात्र 50 रुपये परीक्षा शुल्क देना पड़ रहा है।

32 वर्षों के बाद कृषि पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएससी की सातवीं से दसवीं सिविल सेवा परीक्षा में पहले की परीक्षाओं की तुलना में चार गुना ज्यादा अभ्यर्थी थे लेकिन हमने चार गुना कम समय में रिजल्ट प्रकाशित कर एक नया रिकॉर्ड बनाया । मात्र 251 दिनों में जेपीएससी परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। फाइनल रिजल्ट जारी होने के 38 दिनों के अंदर उन्हें नियुक्ति पत्र भी प्रदान कर दिया गया। पहले की जेपीएससी परीक्षाओं में तीन-चार वर्षों से ज्यादा लग जाते थे। राज्य में 32 वर्षों के बाद कृषि पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति हुई है। इसके अलावा अन्य विभागों में भी नियुक्तियां लगातार हो रही हैं।

खेल और खिलाड़ियों के साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है लेकिन उन्हें कभी प्रोत्साहन नहीं मिला। प्लेटफार्म नहीं मिलने से इनकी प्रतिभा निखर कर सामने नहीं आ रही थी। हमारी सरकार में खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। पहली बार राज्य में खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति हुई है। खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि आज झारखंड के बच्चे-बच्चियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल से राज्य और देश का नाम रोशन कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यवासियों की सामाजिक सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी सरकार यूनिवर्सल पेंशन स्कीम लाई है। इसके तहत सभी बुजुर्गों, विधवाओं, परित्यक्ता, दिव्यांग और एकल महिलाओं को पेंशन योजना से जोड़ा जा रहा है। 15 लाख अतिरिक्त राशन कार्ड जारी किए गए हैं। सोना-सोबरन धोती साड़ी योजना के तहत गरीबों को साल में दो बार 10 रुपये में धोती -साड़ी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मजदूरों की आय बढ़े, इसके लिए मनरेगा मजदूरी दर में 27 रुपये प्रति कार्य दिवस की बढ़ोतरी की गई है। गरीबों को 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने का सरकार ने निर्णय लिया है। सरकारी कर्मियों के लिए फिर से पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा कई योजनाएं हैं जो गरीब और जरूरतमंदों के साथ सभी तबके के लोगों के विकास के लिए चलाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है। सभी जिलों में अगले सेशन से मॉडल स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी । स्कूलों में निजी विद्यालयों की तरह सभी सुविधाएं मौजूद होगी। हमारा प्रयास है कि निजी विद्यालयों से भी बेहतर सरकारी विद्यालयों को बनाएं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजातियों के साथ अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को भी विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए होने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के ज्यादा से ज्यादा नौजवानों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस कड़ी में राज्य में संचालित निजी क्षेत्र की कंपनियों और प्रतिष्ठानों में होने वाली नियुक्तियों में 75 प्रतिशत पद स्थानीय नौजवानों के लिए आरक्षित करने संबंधी नियमावली पर मुहर लग गई है। अब इसे धरातल पर उतारा जाएगा। निजी कंपनियों के नियोक्ताओं को इसे सुनिश्चित करना होगा।

इन क्षेत्रों में मिली नौकरी

रोजगार मेले में कपड़ा (एपेरेल) सेक्टर में 5332, हेल्थ केयर में 1041, मैनेजमेंट एंड अदर्स में 1168, ऑटोमेटिक में 785, कंस्ट्रक्शन में 672, टेलिक़ॉम में 118 और ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में नौकरियां दी गयी हैं।

इस मौके पर मंत्री आलमगीर आलम, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, सांसद विजय हांसदा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक इरफान अंसारी, राजेश कश्यप और शिल्पी नेहा तिर्की, प्रभारी मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, श्रम विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।

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