रांची। सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को वर्ष 2010 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित तौर पर हुए वोट के बदले नोट मामले में बरही विधायक उमाशंकर अकेला, तत्कालीन विधायक राजेश रंजन एवं योगेंद्र साव की ओर से दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दी है।
अदालत ने तीनों की याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद 11 जुलाई को आदेश सुरक्षित रख लिया था। अब मामले में तीनों आरोपितों के खिलाफ आरोप गठित किया जायेगा। आरोप गठन के बिंदु पर सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तारीख निर्धारित है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 2013 में मामले की जांच करते चार्जशीट दाखिल की थी।
उल्लेखनीय है कि निजी टीवी चैनल ने राज्य सभा चुनाव के दौरान किये गये स्टिंग ऑपरेशन का प्रसारण किया गया था। खुफिया कैमरे से रिकॉर्ड कर यह दिखाया गया था कि चुनाव में मत की कीमत के तौर पर झामुमो, कांग्रेस एवं भाजपा के विधायकों ने 50 लाख से एक करोड़ रुपये की मांग की थी। मामले को लेकर निगरानी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जिसे बाद में सीबीआई ने टेकओवर किया। मामले में नामजद दो विधायकों का निधन हो गया है।