रांची। जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने कहा है कि जिस तरह पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त ने सैरात दुकानों के किराया में वृद्धि के निर्णय पर रोक लगाया, उसी तरह होल्डिंग टैक्स में बेतहाशा वृद्धि पर भी सरकार को रोक लगानी होगी। कारण कि जिस प्रकार सैरात दुकानों की किराया बढ़ाने की प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण और नासमझी की उपज थी। उसी प्रकार होल्डिंग टैक्स बढ़ाने की प्रक्रिया भी त्रुटिपूर्ण और नासमझी का प्रतीक है।
उन्होंने सोमवार को कहा कि देश के किसी भी राज्य में होल्डिंग टैक्स इस तरह नहीं निर्धारित होता है जिस तरह की प्रक्रिया इस संबंध में झारखंड में अपनाई गई है। आश्चर्य है कि होल्डिंग टैक्स बढ़ाने का संकल्प जब झारखंड सरकार की कैबिनेट में आया तो कैबिनेट में बैठे किसी भी मंत्री ने मुख्य सचिव से, जो कैबिनेट के सचिव होते हैं, या मुख्यमंत्री से यह नहीं पूछा कि होल्डिंग टैक्स को सर्किल रेट के साथ जोड़ने का क्या औचित्य है। झारखंड की आर्थिक प्रगति के मद्देनज़र इस कारण हुई होल्डिंग्स टैक्स में बेतहाशा वृद्धि से करदाताओं पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ कितना उचित और कितना व्यवहारिक होगा।