-मुख्यमंत्री ने विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की समीक्षा की
-अधिकारियों को किया तलब, पूछा पुलिस को जब मैंने काम करने की पूरी छूट दे रखी है तो सफलता क्यों नहीं मिल रही है?
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को विधि-व्यवस्था के संधारण को लेकर राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों को तलब किया। मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में राज्य के भीतर हो रही छोटी-बड़ी आपराधिक घटनाओं को लेकर कड़ी नाराजगी जतायी। मुख्यमंत्री ने अगले 15 दिन के अंदर राज्य में विधि-व्यवस्था संधारण की स्थिति में सुधार लाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अपनी कार्यशैली में सुधार करते हुए अपराधिक घटनाओं पर लगाम लगायें। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित पुलिस अधिकारी बख्शे नहीं जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अपराधियों ने विधि व्यवस्था संधारण को धत्ता बताते हुए कई जघन्य अपराध को अंजाम दिया है। किसी भी हाल में ऐसे अपराध स्वीकार्य नहीं है। वर्तमान समय में हो रही अपराधिक घटनाएं राज्य के लिए चिंता का विषय है। अपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इस निमित्त पुलिस बिना किसी दबाव के अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने जतायी नाराजगी:
मौके पर राज्य के डीजीपी अजय कुमार सिंह, एडीजी आॅपरेशन संजय आनंद राव लाटकर, आइजी आॅपरेशन अमोल वेणुकांत होमकर, एसपी एटीएस सुरेंद्र झा सहित अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने डीजीपी अजय कुमार सिंह को साफ लहजे में कहा कि आपको अपराध पर नियंत्रण के लिए मेरे द्वारा खुली छूट दी हुई है, परंतु अपराध नियंत्रण पर सफलता क्यों नहीं मिल रहा है? मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के वरीय अधिकारियों से वर्तमान समय में राज्य में हो रही अपराधिक घटनाओं एवं अपराध नियंत्रण के लिए उठाये कदम की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अपराध नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये। हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में राज्य के अंदर अपराध के चेहरे हर दिन बदल रहे हैं। नये-नये अपराध को अंजाम दिया जा रहा है। कई अपराध सुनियोजित तरीके से किये जा रहे हैं। कुछ लोग राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पुलिस विभाग राज्य में सुनियोजित अपराधिक गतिविधियों एवं नये-नये अपराधों पर शिकंजा क्यों नहीं कस पा रही है, इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जतायी। पुलिस अधिकारियों को सूचना तंत्र को मजबूत करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था का संधारण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए, कोताही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर हाल में अपराध पर नियंत्रण किया जाये:
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशासन के समक्ष नयी-नयी चुनौतियां आ रही हैं। पुलिस विभाग इन चुनौतियों से निपटने में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरते। अपराधी कितना भी बड़ा क्यों न हो, अपराधियों पर किसी भी बड़े समूह का आश्रय क्यों न प्राप्त हुआ हो, पुलिस बिना किसी दबाव के कार्रवाई करना सुनिश्चित करे। किसी भी हाल में राज्य में अपराध का ग्राफ ऊपर नहीं जाना चाहिए। अपराधियों का मनोबल तोड़ने का काम पुलिस विभाग अवश्य करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपकी सूझबूझ, आपकी कार्यशैली, आपका सूचना तंत्र, आपकी क्रिएटिविटी एवं सतर्कता से अपराधिक घटनाओं पर तत्काल लगाम लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हो सकता है कि आने वाले समय में सुनियोजित अपराध की घटनाएं बढ़ेंगी, आपके सामने कई चुनौतियां भी आ सकती हैं, वर्तमान चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों से निपटने की रणनीति भी पुलिस विभाग तैयार करे।