रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के हत्थे चढ़े प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) नंदन कुमार उर्फ अभिषेक गुप्ता की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने मामले की गंभीर परिस्थितियों को आधार बनाते हुए याचिकाकर्ता को राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि आरोपी एक लोक सेवक है, जिसे 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में उसके खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी थी कि इस मामले में 14 मई 2026 को ही आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, लेकिन अब तक अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उसे जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। वहीं, इसके जवाब में एसीबी के पक्ष ने अदालत को अवगत कराया कि 12 मई 2026 को ही अभियोजन की मंजूरी के लिए फाइल राज्य सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव के पास भेजी जा चुकी है।
गौरतलब है कि आरोपी बीएसओ 19 मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में बंद है। उसके खिलाफ दुमका एसीबी थाना में कांड संख्या 02/2026 (विजिलेंस केस संख्या 04/2026) दर्ज किया गया था। आरोप है कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर रहते हुए उसने एक मोटरसाइकिल खरीदने के एवज में 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर उसे 40,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया था।e

