रांची। देश को नशामुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। झारखंड समेत देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सालों से जब्त पड़े मादक पदार्थों को नष्ट करने के लिए एनसीबी ने एक विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान (‘स्पेशल डिस्पोजल ड्राइव’) शुरू करने का फैसला किया है।
एनसीबी मुख्यालय, नई दिल्ली से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, यह विशेष अभियान 26 जून से शुरू होकर 10 जुलाई तक चलाया जाएगा। इस 15 दिवसीय ड्राइव के दौरान विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा जब्त की गई भारी मात्रा में ड्रग्स, साइकोट्रॉपिक पदार्थों और प्रतिबंधित रसायनों का पूरी तरह से सुरक्षित और नियमानुसार निस्तारण (Disposal) किया जाएगा।
15 जून तक मांगा गया पूरा ब्योरा एनसीबी ने झारखंड सहित सभी राज्यों की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और अपने जोनल कार्यालयों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान रिकॉर्ड मात्रा में ड्रग्स का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, सभी संबंधित एजेंसियों को 15 जून 2026 तक निस्तारण के लिए प्रस्तावित मादक पदार्थों की पूरी सूची और उनकी मात्रा का विवरण मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है।
इन नशीले पदार्थों को किया जाएगा नष्ट इस महाअभियान के तहत अफीम, हेरोइन, गांजा, चरस, कोकीन, एमडीएमए, एलएसडी, फेंटेनिल, केटामाइन और मॉर्फिन जैसे घातक नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों और एपेक्स एनकॉर्ड (NCORD) की बैठक में लिए गए फैसलों के तहत की जा रही है, ताकि मालखानों में वर्षों से लंबित पड़े नशीले पदार्थों का सुरक्षित निपटारा हो सके।

