रांची। 15वें वित्त आयोग की टीम बुधवार को रांची पहुंची। होटल रेडिशन ब्लू में निकाय और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठक की। निकाय प्रतिनिधियों ने शहरी विकास के लिए 20 हजार करोड़ की डिमांड रखी। वहीं शौचालय, पेयजल और कचरा निष्पादन के लिए विशेष पैकेज मांगा। विभिन्न निकायों के प्रतिनिधियों ने झारखंड में पेयजल की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि इसके लिए अलग से 600 करोड़ रुपये दिये जायें। कारण यहां की भौगोलिक स्थिति दूसरे राज्यों से अलग है। पेयजल की समस्या से आमजन को हर रोज दो-चार होना पड़ रहा है। इधर, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक में मांग उठी कि विकास की राशि तीनों स्तर पर जारी की जाये। अभी सिर्फ ग्राम पंचायत को ही विकास की राशि मिल रही है। 14वें वित्त आयोग ने यह व्यवस्था की थी। नतीजतन जिला परिषद और पंचायत समिति को विकास का फंड नहीं मिल रहा था। इस व्यवस्था को खत्म कर तीनों स्तर पर विकास की राशि निर्गत करने की व्यवस्था की जाये। इस प्रस्ताव की वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने सराहना की। साथ ही त्रिस्तरीय व्यवस्था को फिर से चालू करने का संकेत भी दिया। बैठक के बाद वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने कहा कि बैठक सकारात्मक रही है। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों द्वारा जो सुझाव दिये गये हैं, वह बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस पर वित्त आयोग विचार करेगा।
निकाय क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में एक बात उभर कर सामने आयी कि यहां पेयजल की समस्या गंभीर है। इसे लेकर विशेष पैकेज की भी मांग की गयी है। इधर, एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए अध्यक्ष एनके सिंह ने कहा कि सकारात्मक विचार के साथ रांची आये हैं। झारखंड को उसके वाजिब हक से वंचित नहीं किया जायेगा। तीन दिवसीय दौरे पर रांची पहुंचे एनके सिंह ने कहा कि वह शुक्रवार तक राज्य के लोगों से मुलाकात करेंगे और राज्य हित में जो कुछ होगा, वह किया जायेगा।
आज और कल का कार्यक्रम
गुरुवार को मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगी के अलावे अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होनी है। वहीं, शुक्रवार को टीम की मुलाकात जमशेदपुर में उद्योग जगत के लोगों के अलावा एक्सएलआरआइ के छात्रों के साथ होनी है।