- लालू ने स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत 3 महीने बढ़ाने की अपील की थी
- 27 अगस्त को खत्म हो रही है लालू यादव की पैरोल की अवधि
रांची. झारखंड हाईकोर्ट ने लालू यादव की पैरोल अवधि 3 महीने बढ़ाए जाने की अपील खारिज कर दी। अदालत ने उन्हें 30 अगस्त तक सरेंडर करने के आदेश दिए हैं। चारा घोटाले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू की जमानत 17 अगस्त को 10 दिन के लिए बढ़ाई गई थी। यह अवधि 27 अगस्त को खत्म हो रही है। लालू ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इसे बढ़ाए जाने की अपील की थी। उनका पिछले महीने मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में ऑपरेशन हुआ था। लालू यहां दोबारा इलाज के लिए 6 अगस्त को भर्ती हुए। हाईकोर्ट ने कहा- लालू यादव राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में इलाज कराएं। जरूरत पड़ी तो रिम्स के डॉक्टर हायर सेंटर अस्पताल से बात करेंगे। लालू यादव को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करना होगा। लालू के वकील प्रभात कुमार ने कहा कि उन्हें मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टिट्यूट से सीधे रिम्स लाया जाएगा।
पहले छह हफ्ते की बेल, फिर बढ़ती गई: 10 अगस्त को हाईकोर्ट ने लालू के जमानत के दौरान घर में रहने पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने कहा था, “लालू सजायाफ्ता हैं। तबीयत खराब है तो अस्पताल में रहें। ठीक हैं तो जेल में। घर पर रहकर सुविधाएं नहीं ले सकते।” लालू को इलाज के लिए 11 मई को छह हफ्ते की प्रोविजिनल बेल दी गई थी। फिर इसे 14 अगस्त तक बढ़ा दिया गया। इसके बाद अवधि 27 अगस्त तक के लिए बढ़ाई गई।
चार मामलों में मिली 14 साल सश्रम कारावास की सजा: लालू को चारा घोटाले में देवघर, दुमका और चाईबासा ट्रेजरी से जुड़े चार मामलों में सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 14 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दुमका ट्रेजरी से फर्जी आवंटन पत्र के आधार पर 3.13 करोड़ रुपए की निकासी के मामले में उन्हें सबसे ज्यादा 14 साल की सजा सुनाई गई है। लालू प्रसाद ने निचली अदालत के सभी फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद लालू के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रोविजिनल बेल दी थी।