हजारीबाग। प्रधान जिला न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार सिंह की अदालत ने डायन बताकर छोटेलाल किस्कू की हत्या करनेवाले दो हत्यारों को फांसी की सजा सुनायी है। बड़कागांव उरीमारी थाना कांड संख्या 172/14 के मामले मे मंगलवार को कोर्ट ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। पसरिया बड़कागांव निवासी वृजलाल मूर्मू, पिता पूरण मांझी तथा सोहन मांझी, पिता मोती मांझी को फांसी की सजा सुनायी गयी है। न्यायाधीश सत्येंद्र कुमार सिंह ने इस मामले को रेयर आॅफ द रेयरेस्ट बताते हुए दोषियों को फांसी की सजा सुनायी। फांसी के साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
हत्या कर शव को जला दिया था हत्यारों ने: हत्यारों ने पसरिया बड़कागांव के रहनेवाले छोटेलाल किस्कू की हत्या कर शव को जला दिया था। यह मामला धारा 302/201/34 तथा 3/4 डायन भूत अधिनियम के तहत दर्ज था। घटना 13 नवंबर 2014 की है। गांव के लोगों ने छोटेलाल किस्कू को यह कहकर मार दिया था कि यह डायन भूत का जादू करके हमलोगों के बच्चे को मार रहा है। इसमे कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें 5 महिला तथा 4 पुरुष शामिल थे। सभी लोगों ने मिलकर मृतक को पहले घर से निकालकर मारा पीटा और हत्या कर दी। फिर शव को घसीटकर गोलपहाड़ पहाड़ी पर ले गये। वहां शव को जला दिया। इस मामले मे बचाव पक्ष की ओर से रामदुलार गुप्ता तथा सरकार की ओर से उदय प्रताप सिंह ने पक्ष रखा।