रांची। मांडर थाना क्षेत्र में डायन- बिसाही के आरोप में एक साथ पांच महिलाओं के निर्मम हत्याकांड में गुरुवार को तीन साल बाद फैसला आ गया। अपर न्यायायुक्त एसएस प्रसाद की अदालत ने इसी से जुड़े चार मामलों में फैसला सुनाते हुए 13 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी। शेष आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने दोषी 13 अभियुक्तों को आइपीसी की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा और 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। आइपीसी की धारा 354 के तहत पांच-पांच साल की सजा एवं 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा डायन-बिसाही प्रतिशेध अधिनियम की धारा तीन एवं चार के तहत क्रमश: तीन माह की सजा एवं एक हजार रुपये जुर्माना तथा छह माह की सजा एवं दो हजार जुर्माना लगाया है। सभी सजाएं एक के बाद एक करके चलेंगी। कोर्ट ने 27 जुलाई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि महिला को उसके संबंधी की मौजूदगी में मारा गया, लेकिन कोई बचाने सामने नहीं आया। यहां तक कि पुलिस भी इस मामले में नहीं आयी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश तहसीन एस पुनावाला बनाम केंद्र सरकार का उदाहरण दिया। कहा कि कानून समाज की बेहतरी के लिए बनाया गया है और यह समाज के लोगों की रक्षा के लिए है। भीड़ द्वारा हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि भीड़ द्वारा किये गये अपराध में ट्रायल कोर्ट कानून के अनुसार अधिकतम सजा दे सकता है।

घटना आठ अगस्त 2015 की

इन्हें मिली आजीवन कारवास की सजा: जिन्हें सजा मिली, उनमें मोजेस खलखो, जेवियर खलखो, सचिन खलखो, वर्णावास खलखो, कृष्णा खलखो, बलदेव खलखो, सन्नू उरांव, सन्नो खलखो, अरुण बाडा, संदीप खलखो, सचिन खलखो, अलवीनूस खलखो, रोमित खलखो एवं राजेश तिग्गा शामिल हैं।

कोर्ट ने आदेश में कविता का भी जिक्र किया

संसद से सड़क तक उसे मालूम है कि शब्दों के पीछे कितने चेहरे नंगे हो चुके हैं और हत्या अब लोगों की रुचि नहीं आदत बन चुकी है। वह किसी पढ़े-लिखे आदमी की ऊब से पैदा हुई थी और एक पढ़े-लिखे आदमी के साथ शहर में चली गयी। वह बहुत पहले की बात है। जब कहीं किसी निर्जन में आदमी-पशुता चीखती थी और सारा नगर चौंक पड़ता था। मगर अब उसे मालूम है कि कविता घेराव में किसी बौखलाये हुए आदमी का संक्षिप्त एकालाप है।

क्या है पूरा मामला

आठ अगस्त 2015 की आधी रात डायन-बिसाही कुप्रथा में जकड़े ग्रामीणों ने पंचायत बुलाकर गांव की पांच महिलाओं को सरेआम निर्वस्त्र कर लाठी-डंडे और पत्थर से कूच कर हत्या कर दी थी। इस डायन हत्या मामले में अलग-अलग चार प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। आरोपियों ने मदनी खलखो (75 वर्ष) पति स्व सुना खलखो, एतवरिया खलखो (35 वर्ष) पति स्व बंगवा खलखो, जसिंता खलखो (60 वर्ष) पति मतियस खलखो, तेतरी खलखो (35 वर्ष) पिता स्व एतवा खलखो एवं रकिया खलखो (60 वर्ष) पति स्व एतवा खलखो की हत्या की थी। सभी आरोपी घटना के बाद से ही जेल में हैं।

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