रांची। 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह की टीम ने गुरुवार को झारखंड सरकार के मंत्रियों और विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों संग बैठक की। इस मौके पर वित्त आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने झारखंड को तेजी से विकास की राह पर बढ़ता राज्य बताया। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना राज्य के लिए चुनौती है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी करनी होगी। उनके मुताबिक, अर्थव्यवस्था को गति देना भी आवश्यक है।
इस दौरान राज्य सरकार ने 15वें वित्त आयोग से 150002.73 करोड़ रुपये के विशेष अनुदान की मांग की। सरकार ने सबसे अधिक 20899.66 करोड़ रुपये की राशि शहरी विकास के लिए मांगी है। स्वास्थ्य संरचनाओं के लिए 10345.44 करोड़ रुपये की मांग की गयी है। सरकार ने आपदाओं के लिए विशेष मांग की है। इनमें झरिया की जमीन में लगी आग, हाथियों से होनेवाले नुकसान और वज्रपात शामिल हैं। दूसरी ओर राजनीतिक दलों ने वित्त आयोग से झारखंड को विशेष दर्जा देने की मांग की है। राज्य सरकार ने वित्त आयोग से अनुशंसित अनुदानों को राज्य को ट्रांसफर किये जाने की निगरानी के लिए स्वतंत्र नियामक के गठन का भी सुझाव दिया। अभी तक इस तरह का कोई रेगुलेटर नहीं है। एनके सिंह ने कहा कि विशेष राज्य का दर्जा देने में आयोग सक्षम भी नहीं है। अध्यक्ष एनके सिंह ने झारखंड के वित्तीय अनुशासन पर चिंता जाहिर की है। इधर, विपक्षी दलों के साथ बैठक के दौरान कहा गया कि झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।
गरीबी खत्म करने में वित्त आयोग की अहम भूमिका होगी : मुख्यमंत्री
इस मौके पर सीएम रघुवर दास ने कहा कि हमारी सरकार स्वच्छ पेयजल पाइपलाइन का नेटवर्क पूरे राज्य में बिछाने पर काम कर रही है। वित्त आयोग के सदस्य झारखंड की जरूरतों से भली-भांति परिचित हैं। इस समृद्ध राज्य में पल रही गरीबी को खत्म करने में वित्त आयोग की बड़ी भूमिका होगी। गांव में बिजली और सड़क पहुंचा देंगे, तो हर गांव में विकास का द्वार खुलेगा। यहां सांस्कृतिक पर्यटन पर जोर दे रहे हैं। टूरिज्म से रोजगार, अर्थव्यवस्था को बड़ी मदद मिलेगी। इसमें वित्त आयोग राज्य सरकार की मदद करे।