धनबाद। झारखंड विकास मोर्चा युवा इकाई के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। मंगलवार की शाम उन्हें गोली मारी गयी। अपराधियों ने रंजीत के एक साथी संतोष सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया। घायल संतोष को आनन-फानन में असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना गोंदुडीह थाना क्षेत्र के कुसुंडा की है। घटना के बाद लोग उग्र हो गये। स्थानीय लोगों ने पुलिस को भी निशाना बनाया। मामले की छानबीन करने पहुंचे ग्रामीण एसपी के साथ हाथापाई भी की गयी। एसएसपी की कार्यशैली से लोगों में आक्रोश दिखा। सूत्रों के मुताबिक, रंजीत सिंह बिकेबी कंपनी का प्रबंधक था और घटना के समय बीसीसीएल की कोल साइंडिंग में काम करा रहा था। रंजीत की हत्या आउटसोर्सिंग कंपनी में रंगदारी को लेकर हुई है। रंजीत बीकेबी साइडिंग में प्रबंधक का काम देखता था।
बताया जाता है कि रंगदारी नहीं देने पर उसकी हत्या हुई है। रंजीत झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी का नजदीकी था। मंगलवार को झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी भी धनबाद में ही थे। उन्होंने सुबह ही विधि व्यवस्था को लेकर एसएसपी से वार्ता की थी। 20 जुलाई को झाविमो के प्रखंड उपाध्यक्ष रूपेश पासवान को गोली मारी गयी थी। इस संबंध में भी उन्होंने एसएसपी के साथ चर्चा की थी। धनबाद में ये दूसरी बार है, जब जेवीएम नेता को निशाना बनाया गया है। इसके पहले झरिया में जेवीएम नगर उपाध्यक्ष रूपेश पासवान को गोली मारी गयी थी। उसके अपराधी आज तक नहीं पकडेÞ जा सके हैं।
धनबाद एसएसपी मनोज रतन चोथे ने ताजा वारदात को कोल साइडिंग में वर्चस्व के कारण की ओर इशारा किया है। वहीं घटना की जांच के लिए डीएसपी विधि व्यवस्था मुकेश कुमार को भेजा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पूर्व विधायक कुंती सिंह भी अस्पताल पहुंचीं। यही वजह है कि कई विरोधी भी उन्होंने पाल लिया था। रंजीत के पिता रामसेवक सिंह स्क्रेप गोदाम के संचालक हैं।
कांग्रेस ने क्षोभ व्यक्त किया : कांग्रेस प्रदेश के नेता संतोष सिंह ने दिनदहाड़े हुई गोलीचालन की घटना एवं उसमें युवा नेता की मौत पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि धनबाद की कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो गयी है। तीन-तीन एसपी और दर्जनों पुलिस अधिकारी के बाद भी जिले मे अराजकता का माहौल है, जो काफी शर्मनाक है। यह सरकार के लिए उसके सुशासन पर करारा तमाचा है।