गोला। गोला थाना क्षेत्र के मगनपुर में रविवार को रास्ता के विवाद में दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गये। दोनों ओर से जमकर हुई पत्थरबाजी में 22 लोग घायल हो गये हैं। घायलों में भुवनेश्वर मुंडा, रमनिका देवी, सुरेश मुंडा, कजरु करमाली, गोबर्धन मुंडा, सुमित्रा देवी, चांदो देवी, मुंगो देवी, भरत करमाली, शमसुल अंसारी, केशर अहमद, शहनवाज अंसारी, निजामुद्दीन अंसारी, रुक्शाना परवीन, काशिम अंसारी, मासूम हुसैन, आरिफ अंसारी, नेहा परवीन, नासिर हुसैन और कई अन्य लोग शामिल हैं। घायलों को सीएचसी गोला में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। यहां से मामुली रूप से घायलों को छोड़ आधे दर्जन लोगों को रिम्स भेज दिया गया। घटना की सूचना पाकर गोला थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने में भीड़ से छिटक कर निकले एक पत्थर से एएसआइ दिनेश तिवारी भी घायल हो गये। इनके माथे में चोट लगी है। एएसआइ को भी उपचार के लिए सीएचसी लाया गया। घटना को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना की सूचना के बाद रामगढ़ एसपी ए विजयालक्ष्मी ने सदल बल घटनास्थल पर पहुंच कर मामले को संभाला। यहां पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इसके बावजूद यहां का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। एसपी ने यहां के पूर्व मुखिया नुरुल्लाह अंसारी, अकबर अंसारी, रतिराम विश्वकर्मा, अजित करमाली आदि से विवाद से संबंधित जानकारी लेकर दोनों समुदाय से एक कमेटी बनाने को कहा। लेकिन यहां हो हंगामा के कारण ऐसा नहीं हो पाया। सोमवार को बीडीओ कार्यालय में शांति समिति की बैठक करने की सहमति दी है। बताया जाता है कि मगनपुर गांव में चक्रवाली से एन एच 23 तक करीब चार सौ फुट के पीसीसी पथ का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य प्रगति पर है। पीसीसी पथ को शिव मंदिर परिसर से होकर गुजरना है। इसी का विरोध एक समुदाय के लोग कर रहे हंै, जबकि दूसरे समुदाय के लोगों का कहना है कि यह पथ सर्वे का है। इसी पर पथ बनाया जायेगा। वर्तमान में इस पथ का छोटी पगडंडी के रूप में उपयोग हो रहा है। इसी के बगल में शिव मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर स्थित है। इसी के बीच से पीसीसी पथ निकलना है। इससे पहले भी इस तरह का विवाद एक वर्ष पूर्व हो चुका है, जिसका मामला अंचल कार्यालय में अभी भी लंबित है। इधर कई घायल लोगों ने एसपी के समक्ष घटना की पूरी विस्तृत जानकारी दी। मौके पर बीडीओ श्रीमान मरांडी, इंस्पेक्टर अतिन कुमार, सीआइ मदन महली सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
19 लाख का है प्राक्कलन, निर्माण के साथ शुरू हो गया था विवाद
मगनपुर में जिला परिषद मद से पीसीसी पथ का निर्माण पिछले एक सप्ताह से जारी है। यह काम ब्राइड कंस्ट्रक्शन के द्वारा करीब 19 लाख की लागत से कराया जा रहा है। अभिकर्ता जिला परिषद के चेयरमैन ब्रह्मदेव महतो के भाई मिथिलेश कुमार महतो ने बताया कि संवेदक द्वारा काम शुरू करने के साथ ही यहां विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद भी संवेदक ने काम जारी रखा। रास्ते के लिए बैठक भी रखी गयी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया। दोनों समुदाय के लोग जिÞद पर अड़े रहे। इससे विवाद और बढ़ता गया। संवेदक ने भी इस विवाद को गंभीरता से नहीं लिया। इसका नतीजा है दोनों समुदाय आपस में भिड़ गये।
मगनपुर में स्थिति नियंत्रण में : एसपी
मगनपुर में दो समुदाय की भिड़ंत के बाद पहुंची रामगढ़ एसपी ए विजयालक्ष्मी ने पत्रकारों को बताया कि मगनपुर में स्थिति नियंत्रण में है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए बोकारो, हजारीबाग और रामगढ़ जिले के कई थानों की पुलिस यहां तैनात की गयी है। ग्रामीण अपने अपने काम पर चले गये हैं। सोमवार को दस बजे ब्लॉक आफिस में शांति समिति की बैठक रखी गयी है। इसमें सभी लोग अपनी-अपनी बातें रख सकेंगे। घटना की सूचना पाकर पहुंची एसपी ए विजयालक्ष्मी ने घटनास्थल पर पूरी सक्रियता दिखायी। एसपी शाम तक घटनास्थल पर डटी रहीं। घटनास्थल के ठीक बगल में लोगों की भीड़ लग गयी। एसपी भीड़ को हटाने में पूरी तरह कामयाब रहीं। दोनों समुदाय के लोगों को उनका समझाने का तरीका बेहतर दिखायी पड़ रहा था। कई घायलों ने एसपी के समक्ष घटना बतायी। स्थिति रात में बिगड़े नहीं, इसके लिए उन्होंने पुलिस बल की तैनाती कर रखी है।
चीख-पुकार से गूंज रहा था सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
मगनपुर में दो समुदायों के बीच झड़प के बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला में उपचार के लिए लाया गया। यहां चीख, चित्कार से पूरा अस्पताल गूंज रहा था। अस्पताल के कर्मी सभी मरीजों की मरहम पट्टी करने में लगे रहे। घायलों के परिजन भी अस्पताल में मौजूद दिखायी दिये। गंभीर रूप से घायलों को रिम्स रेफर करने के बाद परिजन उन्हें ले गये। इधर अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर दुर्घटना के मरीज प्रत्येक दिन दर्जनों की संख्या में पहुंच रहे हैं। अस्पताल की व्यवस्था और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, जिससे घायलों का इलाज सही तरीके से होगा।