नाबालिग ड्राइविंग करते पकड़ाए तो अभिभावक जिम्मेवार
बिना हेलमेट बाइक छाएंगे तो भरना पड़ेगा एक हजार जुर्माना
पटना। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते पकड़े गए तो 1 सितम्बर से जुर्माना 100 रुपए से बढ़ाकर एक हजार रुपए कर दिया गया। इसके साथ ही तीन माह के लिए दोपहिया वाहन चलाने के लिए अयोग्य घोषित कर दिए जायेगा। यानी वे तीन माह तक वाहन नहीं चला सकते हैं। इस दौरान वाहन चलाते पुनः पकड़े गए तो 10 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। इसी प्रकार से वाहन चलाते समय सीट बेल्ट नहीं पहनने पर जुर्माने की राशि 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये की गई है। बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने, स्पीडिंग-रेसिंग के मामले में अब 500 रुपये की जगह 5000 रुपये जुर्माना देना होगा। बिना परमिट का वाहन चलाने पर 5 हजार रुपये जुर्माना को बढ़ा कर 10 हजार रुपये तक किया गया है। नशे में ड्राइविंग करने पर 10 हजार जुर्माना और छह माह के कारावास का प्रावधान किया गया है। इस मामले में दोबारा पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना और दो वर्षों के कारावास का प्रावधान किया गया है।
परिवहन विभाग की ओर से रविवार से अपना नया मोटर वाहन अधिनियम में भारी बदलाव किया गया है। यातायात नियमों के उल्लंघन करने वालों पर अब पहले से और अधिक सख्ती बरती जाएगी। परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मोटर वाहन (संशोधित) अधिनियम 2019 एक सितंबर से बिहार में लागू किया जा रहा है। यह शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू होगा। जुर्माने की राशि बढ़ाने का मूल उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को नियंत्रित करना है।
नाबालिग ड्राइविंग करते पकड़ाए तो अभिवावक जिम्मेवार
नाबालिग ड्राइविंग करते पकड़ाए तो इसके उनके अभिवावक को दोषी बनाया जायेगा। नाबालिग के अतिरिक्त अभिभावक को भी 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में मामला दर्ज होगा और मोटर व्हीकल का रजिस्ट्रेशन रद्द होगा।
इमरजेंसी वाहनों को साइड नहीं देने पर लगेगा फाइन
इमरजेंसी वाहनों जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित धारा के उल्लंघन करने पर संबंधित धारा के अनुसार जुर्माना वसूल किया जाएगा। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने के पूरे राज्य में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस काम में एनसीसी कैडेट्स भी शामिल होंगे।