मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश के ज्यादातर जिलों में टिड्डियों का प्रकोप बढ़ चुका है। 33 जिलों में एकाध को छोडक़र सभी जिलों में टिड्डियों का प्रकोप है। इसके लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है कि वे इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करें। हम किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने देंगे।
गहलोत ने रविवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि टिड्डियों के प्रकोप से पहले रबी की फसलें खत्म हो गई थी और खरीफ की फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि करीबन 30 साल पहले टिड्ढियों का ऐसा प्रकोप देखने को मिला था। जो अब फिर से देखने को मिल रहा है। गहलोत ने कहा कि उन्होंने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर की है।
इसके अलावा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर इसके लिए कार्यवाही हो ऐसा किया जाना चाहिए। टिड्डियां पाक के रास्ते से आ रही है। यूरोपीय देशों में अफ्रीका जैसों में इनकी प्रजनन बहुत ज्यादा है इसे अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहिए। किसानों को किसी प्रकार का नुकसान राज्य सरकार नहीं होने देगी। किसान भी कब तक टिड्डियों से होने वाले नुकसान को देखते रहेंगे। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कोविड-19 में सभी जिलों के रसद अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत हुई थी। इनका काम सराहनीय रहा। उन्होंने मेहनत कर हर गरीब तक राशन पानी पहुंचाया।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की सियासी उठापटक के बीच विधायक शनिवार को जैसलमेर के सूर्यागढ़ होटल में ठहराए गए है। जो अभी बाड़ेबंदी में है। मुख्यमंत्री रविवार को भी जैसलमेर पहुंचे और मीडिया से मुखातिब हुए। विधायकगण विधानसभा सत्र 14 अगस्त तक शुरू होने तक यहीं होटल में ही रहेंगे।
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