आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की दर तय कर दी है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने इस बारे में कहा कि लगातार सूचना आ रही थी कि कोरोना कीआड़ में प्राइवेट अस्पताल मरीजों का अर्थ दोहन कर रहे थे। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने विभिन्न प्रकार की दर तय कर दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि मरीजों का इलाज हो और उन्हें आर्थिक बोझ न सहना पड़े। इसके बाद भी यदि कोई अस्पताल नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

सरकार के आदेश के अनुसार, राज्य के सभी जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ए श्रेणी में रांची, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद और बोकारो जिले शामिल हैं। बी श्रेणी में हजारीबाग, पलामू, देवघर, सराकेला, रामगढ़ और गिरिडीह हैं, जबकि सी श्रेणी में चतरा, दुमका, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, साहेबगंज, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम हैं। सभी जिलों के अस्पतालों को दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी एनएबीएच से निबंधित और दूसरी गैर निबंधित हैं।

जांच की भी दर निर्धारित
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ जांच की भी दर तय की गयी है। इसमें एबीजी जांच के लिए चार सौ रुपये, ब्लड शुगर लेबल के लिए एक सौ रुपये, डी-डीमर्स लेबल के लिए आठ सौ रुपये, हीमोग्लोबिन के लिए 150 रुपये, सीटी चेस्ट के लिए 35 सौ रुपये, एक्स रे चेस्ट के लिए पांच सौ रुपये और इसीजी के लिए तीन सौ रुपये लगेंगे।

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