Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Saturday, May 30
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Top Story»भारत-चीन के रिश्ते में अब अमेरिका नहीं रूस होगा बड़ा मददगार, रक्षा मंत्री अगले हफ्ते जा सकते हैं मास्को
    Top Story

    भारत-चीन के रिश्ते में अब अमेरिका नहीं रूस होगा बड़ा मददगार, रक्षा मंत्री अगले हफ्ते जा सकते हैं मास्को

    shivam kumarBy shivam kumarAugust 29, 2020No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    भारत और चीन के बीच में रिश्ते सामान्य करने में अमेरिका ने कई प्रयास किए। दक्षिण चीन सागर में में भी धमक दिखाई, लेकिन बात बनती नहीं दिखी। अब एक बार फिर निगाहें देश के सबसे पुराने विश्वसनीय सामरिक साझीदार देश रूस की तरफ हैं। राजनयिक गलियारे के सूत्र बताते हैं कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन के बीच में तनाव कम करने में कुछ रुचि दिखाई है।

    बताते हैं यह पहल विदेश मंत्री एस जयशंकर के कूटनीतिक प्रयास के बाद हुई है। भारत ने एक तरह से संकेत दिया कि चीन से सीमा विवाद के इतने जटिल तनाव के दौर में वह एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) की बैठक में कैसे शरीक हो सकता है?
    भारत कई फोरम पर रूस, चीन के साथ महत्वपूर्ण भागीदार है
    एशिया में अपनी धमक बनाए रखने की रणनीति के तहत रूस, चीन और भारत के साथ कई फोरम पर सक्रिय है। भारत, रूस और चीन तीनों देशों के (आरआईसी) त्रिपक्षीय, रूस, भारत, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के साथ (ब्रिक्स), रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान समेत अन्य के साथ एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) काम कर रहा है। रूस इन सभी संगठनों में अगुआ है।

    ऐसे में भारत के दूरी बनाने के बाद इन संगठनों की धार पर बड़ा असर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि भारत का यह कूटनीतिक संदेश काफी कारगर हो सकता है। दूसरे रूस की भी कोशिश है कि आपस में संगठन के सदस्य देशों के बीच में टकराव के बजाय तालमेल होना चाहिए। ताकि भावी आपसी, क्षेत्रीय अथवा वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सके। विदेश सचिव शशांक भी मानते हैं कि रूस ने ऐसे कई मौके पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया है। इतना ही नहीं भारत और चीन को करीब लाने में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
    9-11 सितंबर को एसओ की बैठक, 3-4 को मिलेंगे रक्षा मंत्री
    विदेश मंत्रालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 3-4 जून को मास्को में शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस दौरान चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंग और राजनाथ सिंह के बीच में आपसी चर्चा हो सकती है। रक्षा मंत्रियों की इस बैठक को भारत और चीन के बीच में रिश्ते के लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है।

    9-11 सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव इसके लिए काफी उत्सुक हैं। सूत्र बताते हैं कि पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर इस बैठक में शामिल होने के लिए आनाकानी कर रहे थे। विदेश मंत्री एस जयशंकर का मानना था कि भारत-चीन के बीच में तनाव की स्थिति को देखते हुए बैठक से संकोच करना चाहिए।

    माना जा रहा है यह भारत की एक कूटनीतिक पहल थी। फिलहाल अब संभावना बन रही है कि एस जयशंकर 10 सितंबर को रूस जाएंगे। वहां चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच चर्चा होगी। इसके अलावा सर्गेई वांग यी और एस जयशंकर के बीच में द्विपक्षीय चर्चा भी होगी। इससे दोनों देशों के तनाव को लेकर कोई समाधान निकलने की उम्मीद है।

     

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleदुस्साहस:नेपाल पुलिस ने अब भारत के वन कर्मियों के गश्त से रोका,शारदा नदी से ट्यूब के सहारे गश्त पर जा रहे कर्मी
    Next Article सुशांत मामले की जांच करने वाले डीसीपी सपरिवार कोरोना संक्रमित
    shivam kumar

      Related Posts

      जीटीए शिक्षक भर्ती घोटाले में होगी सीबीआई जांच, सुप्रीम कोर्ट से मामला वापस लेगी बंगाल सरकार : शुभेंदु

      May 29, 2026

      यदि संघ सक्षम होता तो देश का विभाजन टल सकता थाः सुनील आंबेकर

      May 29, 2026

      नव नियुक्त अपर जिला दंडाधिकारी ने संभाला पदभार

      May 29, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • जीटीए शिक्षक भर्ती घोटाले में होगी सीबीआई जांच, सुप्रीम कोर्ट से मामला वापस लेगी बंगाल सरकार : शुभेंदु
      • यदि संघ सक्षम होता तो देश का विभाजन टल सकता थाः सुनील आंबेकर
      • नव नियुक्त अपर जिला दंडाधिकारी ने संभाला पदभार
      • फूलो-झानो का नाम मिटाना आदिवासी समाज का अपमान : चंपाई
      • अवैध बालू परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, छह हाईवा जब्त
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version