रांची। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम मोहम्मद मीर ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अबकी बार 400 पार का नारा दिया था, लेकिन जिस प्रकार से देश ने भाजपा को 240 सीट पर समेट दिया है, उसके बाद यह स्पष्ट है कि बैसाखियों पर चलती केंद्र सरकार अगले पांच साल तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग को उसके हक और अधिकारों से वंचित नहीं कर सकती। कहा कि यदि किसी भी गलती से भाजपा को अपने सपने के अनुसार लोकसभा चुनाव में अपेक्षित सीट मिल जाती, तो आरक्षण समाप्त हो जाता।
राजधानी के बनहोरा जतरा मैदान में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए श्री मीर ने कहा कि सरकार ने गरीबों के लिए बहुत अच्छे काम किये हैं और बड़ी संख्या में लोग सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। कहा कि झारखंड को मध्य प्रदेश और असम जैसे प्रदेशों से आये हुए लोगों की जरूरत नहीं है और वे खुद अपनी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम हैं। कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस विशाल और खुले विचारों वाली पार्टी है और सभी लोग अपने विचार और राय रखने को स्वतंत्र हैं। कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति पुरानी है और इसी के कारण प्रकृति का स्वरूप कायम है। उन्होंने कहा कि आदिवासी जल, जंगल और जमीन से जुड़े हैं और इसे बचाने के साथ और इसे बचाने के साथ सबसे ज्यादा जरूरत देश के संविधान की रक्षा करने की है, क्योंकि वहीं आदिवासियों के अधिकार और उनके आरक्षण को हर हाल में बचाने की ताकत रखती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी भाजपा और उसके नेताओं की साजिशों से बचकर रहने की जरूरत है। मांडर की विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति के संरक्षण के लिए हमेशा बढ़-चढ़कर आगे रहने की जरूरत है। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना की चर्चा की और उससे लाभान्वित होने की सभी से अपील की।