देवघर। सावन की अंतिम सोमवारी पर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम और दुमका के बाबा बासुकीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही दोनों प्रमुख शिवधामों में बोल बम के जयघोष गूंजते रहे और बाबा के दर्शन व जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी रहीं।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए।
बैद्यनाथ धाम में सुबह 4:30 बजे खुले कपाट
बाबा बैद्यनाथ मंदिर के कपाट सोमवार सुबह 4:30 बजे खोले गए। कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जलार्पण शुरू कर दिया। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों की लंबी कतार देखने को मिली।
प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
- श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया गया।
- प्रमुख स्थानों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही।
- भीड़ की लगातार निगरानी की गई।
- श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए।
- पिछले सोमवार की तुलना में इस बार अधिक भीड़ होने की बात प्रशासन की ओर से कही गई।
देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने बताया कि प्रशासन सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगातार नजर रख रहा है। वहीं पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के अनुसार, रात से ही पुलिसकर्मी और अधिकारी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंचाने में जुटे रहे।
DGP तदाशा मिश्रा ने की बाबा की पूजा
अंतिम सोमवारी के अवसर पर झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा भी देवघर पहुंचीं। उन्होंने बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
मंदिर के सरदार पंडा गुलाब नंद झा ने सावन में सोमवार के दिन बाबा पर जल, बेलपत्र और श्रद्धा के साथ जलाभिषेक की धार्मिक मान्यता का उल्लेख किया।
बासुकीनाथ धाम में भी भक्तों की भारी भीड़
दुमका जिले के प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ धाम में भी अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बोल बम कांवरियों के अलावा भागलपुर के बरारी घाट से गंगाजल लेकर हंसडीहा के रास्ते पहुंचने वाले डाकबम श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में जलाभिषेक कर रहे हैं।
बासुकीनाथ मंदिर के कपाट सुबह 3 बजे खोले गए। इसके बाद श्रद्धालुओं को कतार में मंदिर में प्रवेश कराया गया और अरघा के माध्यम से जलाभिषेक की व्यवस्था की गई।
डाकबम के लिए विशेष व्यवस्था
- हंसडीहा की ओर से आने वाले डाकबम श्रद्धालुओं को टोकन दिया गया।
- टोकनधारी डाकबम श्रद्धालुओं को पेड़ा गली द्वार से सीधे मंदिर में प्रवेश कराया गया।
- मंदिर के प्रवेश और निकास द्वार पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
- मेला क्षेत्र में ड्रोन और CCTV कैमरों से निगरानी की गई।
52 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके जलाभिषेक
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ धाम में अब तक 52 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा पर जल चढ़ा चुके हैं। अंतिम सोमवारी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से देवघर और बासुकीनाथ दोनों धामों में धार्मिक उत्साह चरम पर नजर आया।
प्रशासन का पूरा फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, सुगम दर्शन और भीड़ नियंत्रण पर है। सावन की अंतिम सोमवारी के साथ दोनों शिवधामों में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

