लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में 3,572 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीनों में प्रदेश के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- मुख्यमंत्री ने 3,572 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
- इनमें कृषि तकनीकी सहायक और मंडी सचिव पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।
- योगी आदित्यनाथ के अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।
- मुख्यमंत्री ने अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नियुक्ति देने का लक्ष्य बताया।
- उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध परिणाम पर जोर दिया।
- कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री सरदार बलदेव सिंह ओलख और प्रमुख सचिव रविंद्र कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
‘बिना भेदभाव हो रहा योग्य अभ्यर्थियों का चयन’
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों का चयन बिना भेदभाव किए जाने से उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने अब तक 9 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई है और नियुक्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई है।
योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने 2017 से पहले की कथित भर्ती व्यवस्था को बदलने का काम किया है। उन्होंने पिछली सरकारों पर भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए।
‘नकल माफिया पर की गई कार्रवाई’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नकल माफिया और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि माफिया की संपत्तियां जब्त की गईं और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें नौकरी के लिए भटकना न पड़े।
परीक्षा और परिणाम समय पर कराने पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परीक्षा और परिणाम में अनावश्यक देरी युवाओं के समय को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि सरकार आयोगों और भर्ती बोर्डों से समय पर परिणाम जारी करने को कहती है।
मुख्यमंत्री ने यूपी बोर्ड परीक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया में काफी समय लगता था। उन्होंने दावा किया कि अब यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 14 दिनों में और अगले 14 दिनों में परिणाम जारी कराने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से भी परीक्षा प्रणाली को सरल और सहज बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा बच्चों को परेशान करने का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी क्षमता का आकलन करने का जरिया होना चाहिए।
2017 से पहले के यूपी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति को लेकर भी पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ के रूप में देखा जाता था और युवाओं के सामने रोजगार, सुरक्षा और पलायन जैसी चुनौतियां थीं।
उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में सरकारी नौकरियों और अन्य योजनाओं के जरिए प्रदेश में सकारात्मक बदलाव आया है और उत्तर प्रदेश अब देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
किसानों को बिजली और सुरक्षा का भी किया जिक्र
योगी ने किसानों को मिल रही बिजली और सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अब पहले की तुलना में अधिक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और सरकारी ट्यूबवेलों की बिजली मुफ्त है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार, किसानों को सुविधाएं और प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

