रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान जारी है। सीबीआई जांच की मांग पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विपक्ष और प्रदर्शनकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में जांच के लिए सीआईडी और स्पेशल ब्रांच जैसी एजेंसियां पहले से काम कर रही हैं। ऐसे में हर मामले में सीबीआई जांच की मांग करना राज्य की अपनी जांच एजेंसियों पर अविश्वास जताने जैसा है।
मुख्य बिंदु :
- वित्त मंत्री ने सीबीआई जांच की मांग पर उठाया सवाल
- बोले- राज्य में सीआईडी और स्पेशल ब्रांच जैसी जांच एजेंसियां मौजूद
- प्रदर्शनकारियों से राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा रखने की अपील
- मंत्री ने छात्र आंदोलन के पीछे भाजपा का हाथ होने का लगाया आरोप
- 10 अगस्त को विधानसभा में चर्चा नहीं होने पर भाजपा पर साधा निशाना
- सरकार ने सदन में चर्चा के लिए पर्याप्त समय देने की बात कही
हर मामले में सीबीआई जांच क्यों?
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था और गंभीर मामलों की जांच के लिए सीआईडी और स्पेशल ब्रांच जैसी एजेंसियां कार्यरत हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रत्येक मामले की जांच सीबीआई से ही करानी है तो राज्य की जांच एजेंसियों की आवश्यकता ही क्या रह जाएगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धैर्य रखने और राज्य की जांच एजेंसियों की जांच पर भरोसा करने की अपील की।
भाजपा पर लगाया आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप
वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्र हित में समस्या का समाधान करने के बजाय आंदोलन को लंबा खींचकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उनका दावा है कि भाजपा का उद्देश्य कांग्रेस सरकार को बदनाम करना है।
विधानसभा में चर्चा को लेकर भी घेरा
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अगर 10 अगस्त को विधानसभा में छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हो जाती तो उसी दिन कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता था। उन्होंने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पहले दो घंटे का समय निर्धारित किया गया था। बाद में विपक्ष की मांग पर एक घंटे का अतिरिक्त समय भी दिया गया।
मंत्री के मुताबिक, सरकार सदन में छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन भाजपा ने विधानसभा में बहस करने के बजाय मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मामले की जांच नियमानुसार हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

