नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को कहा कि संसद में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर चर्चा केवल एक विषय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित आरोप, छात्रों पर कार्रवाई, पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं सहित सभी संबंधित मुद्दों पर सदन में व्यापक चर्चा की मांग की।
संसद भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान खेड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के लिए सरकार की तैयारियों की बात कही थी। शाह ने विपक्ष से 24 घंटे के भीतर चर्चा का प्रस्ताव देने को कहा था।
खेड़ा ने कहा कि चर्चा के लिए शर्तें तय करना सरकार का अधिकार नहीं है। विपक्ष पहले दिन से ही छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सदन में उठाने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि चर्चा होती है तो छात्रों पर कथित कार्रवाई, पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्याओं, कथित चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन, आंसू गैस तथा अन्य बल प्रयोग जैसे मुद्दों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इन सभी विषयों पर केंद्रीय गृह मंत्री को सदन में आकर जवाब देना चाहिए। उनका कहना था कि विपक्ष की मांग स्पष्ट है और सरकार को चर्चा से पीछे हटने के बजाय सभी मुद्दों पर अपना पक्ष रखना चाहिए।
खेड़ा ने गृह मंत्री के संसद में नियमित रूप से मौजूद रहने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में मौजूद रहना और सदन की कार्यवाही में शामिल होना अलग-अलग बातें हैं। उनके मुताबिक, संसद की कैंटीन या परिसर के किसी अन्य हिस्से में जाना सदन में उपस्थित रहने के समान नहीं है।
विपक्ष से लोकसभा अध्यक्ष को लिखित रूप से चर्चा के मुद्दे बताने की मांग पर खेड़ा ने कहा कि विपक्ष पहले ही अपनी मांग स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने कहा कि दोबारा यह बताने की जरूरत नहीं है कि किन विषयों पर चर्चा होनी चाहिए।
खेड़ा ने सवाल उठाया कि सरकार छात्रों पर कथित हिंसा, पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं जैसे मुद्दों पर चर्चा करने से क्यों बच रही है। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र शुरू हुए करीब 17-18 दिन बीत चुके हैं और विपक्ष लंबे समय से गृह मंत्री से सदन में आकर छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई पर बयान देने की मांग कर रहा है।

