लातेहार। कभी वर्दीधारियों की बूटों की आवाज को सून बारीबांध के ग्रामीणों के चेहरे पर भय व्याप्त हो जाता था और अपने डर के मारे गांव वाले अपने घरों में दूबक जाते थे, लेकिन आज बारीबांध गांव का माहौल पूरी तरह से बदला दिख रहा था। सबसे बड़ी बात थी कि गांव में वदीर्धारी भी थे एवं बूट के आवाज भी सुनायी पड़ रहा थी लेकिन ग्रामीणों के चेहरे पर भय नहीं बल्कि विकास की एक नयी उम्मीद दिखायी दे रही थी। आखिर ग्रामीणों के चेहरे पर सुकून क्यों न हो। गांव मे पहली बार नक्सलियों के दरबार के स्थान पर सामुदायिक पुलिसिग कार्यक्रम के तहत जनता दरबार में जिले के उपायुक्त राजीव कुमार, एसपी प्रशांत आनंद समेत जिले के कई अधिकारी पहुंचे हुए थे।
नक्सलियों का गढ़ समझा जाने वाला बारीबांध गांव में लगे जनता दरबार में उपायुक्त राजीव कुमार ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि गांव की विकास की डोर आपके हाथ में है। आप सभी ग्रामीण इस डोर को एक नयी दिशा देकर गांव की तस्वीर को बदलने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि सरकार का उदेश्य है कि अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचे लेकिन यह तभी संभव है जब आप सभी ग्रामीण भी जिला प्रशासन से कदम से कदम मिलाकर योजना को धरातल पर उतारने में मदद करें। उपायुक्त श्री कुमार ने स्पष्ट कहा कि गलत रास्ता कभी मंजील नहीं दे सकता है वह सिर्फ विकास में बाधाएं उत्पन्न करता है।
पोषण रथ को उपायुक्त ने किया रवाना : लातेहार जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से 1 से 30 सितंबर तक मनाये जा रहे पोषण माह की सफलता को लेकर मंगलवार को समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ रवाना किया गया। जागरूकता रथ को उपायुक्त राजीव कुमार ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। जागरूकता रथ को रवाना करते हुए उपायुक्त श्री कुमार ने कहा कि जागरूकता ही रोगों की पहली दवा है। उन्होंने जिले को कुपोषण मुक्त बनाने को लेकर सामुहिक प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर से ही स्वच्छ समाज का निर्माण हो सकता है। श्री कुमार ने बाल विकास परियोजना में कार्यरत पयवेक्षिका एवं आंगनबाड़ी सेविका को पूरी ईमानदारी से कार्य कर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने में सहभागिता निभाने को लेकर प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सही पोषण से ही देश विकास की ओर अग्रसर हो सकता है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी निलिशा कुमारी ने कहा कि जिले को कुपोषण मुक्त बनाना है, लेकिन यह तभी संभव है जब अभियान से जुड़े प्रत्येक कर्मी इसे जन आंदोलन बनाने में सफल होंगे। मौके पर डीआरडीए निदेशक संजय भगत, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी निलिशा कुमारी, डीपीएम सचिन साहू, सीडीपीओ, पर्यवेक्षिका समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।