रांची। भाकपा माओवादियों के स्थापना दिवस सप्ताह के दौरान खूंटी पुलिस को एक अहम सफलता हाथ लगी है. खूंटी पुलिस ने दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों में से एक ट्रक ड्राइवर जोगा सिंह को जिंदा जलाने का आरोपी भी है। इसी वर्ष तीन अगस्त को अड़की के आरा घाटी में जोगा सिंह को उनके कंटेनर के साथ जिंदा जला दिया गया था। खूंटी पुलिस को सूचना मिली थी कि भाकपा माओवादियों का एक दस्ता अपने स्थापना दिवस के दौरान किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए खूंटी के साइको और कुरापूर्ती इलाके में भ्रमणशील है. नक्सलियों के दस्ते को कुख्यात नक्सली बच्चन मुंडा लीड कर रहा है. सूचना मिलने पर खूंटी एसपी के द्वारा एक टीम का गठन किया गया. जिसका नेतृत्व एएसपी अभियान अनुराग राज को दिया गया।
नक्सलियों की धरपकड़ के लिए बनी टीम सीआरपीएफ के सहयोग से नक्सलियों के ठिकाने की तलाश में लगातार छापेमारी करती रही। इसी बीच उन्हें सूचना मिली की एडलडीह गांव के पास कुछ युवक देखे गए हैं जिनके पास हथियार भी है. इसी सूचना पर तुरंत पुलिस पार्टी उस ओर कुच कर गई. मौके पर दो युवक संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखाई दिए।
छापेमारी दल ने उन्हें घेर कर पकड़ लिया और जब उनकी तलाशी ली तो एक के पास एक देसी पिस्तौल और गोलियां बरामद हुई. गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों की पहचान जब करवाई गई तो पुलिस हैरान रह गई दरअसल उसमें से एक कुख्यात नक्सली अजय लोहरा था जबकि दूसरा उसका सहयोगी सुखराम मुंडा। पुलिस के पूछताछ के दौरान अजय लोहरा ने बताया कि उसने ही नक्सल बंद के दौरान आरा घाटी में कंटेनर और उसके ड्राइवर जोगा सिंह जो पंजाब के रहने वाले थे को जिंदा जला दिया था. अजय लोहरा ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उसने नक्सली बुधराम के साथ ट्रेलर के डीजल टैंक को कुल्हाड़ी से फोड़ दिया था और उसमें आग लगा दिया था. अजय लोहरा 2014 से माओवादी संगठन से जुड़ा है. अजय को कुख्यात नक्सली दुबराज मानकी जो साल 2014 में पुलिस इनकाउंटर में मारा गया था संगठन में शामिल किया था।
चड्डी बनियान पहनकर किया था हमला
3 अगस्त 18 को नक्सल बन्द के दौरान खूंटी के सोयको से लगभग तीन किमी आगे आर घाटी के पास बारह-पंद्रह की संख्या में हथियारबंद नक्सली अचानक जंगल से निकलकर सड़क पर आ गए. सभी नीकर, गंजी और साधारण ड्रेस में थे. हथियारबंद लोगों ने ट्रेलर के रूकने के बाद टांगी से डीजल के टंकी में छेद किया. उसी डीजल को ट्रेलर में रखे बाल्टी से ट्रक पर छिड़का और आग लगा दी। हथियारबंद लोगों ने चालक जोगा सिंह को ट्रेलर से नीचे नहीं उतरने दिया, जिससे वह अंदर ही जलकर राख हो गया. इसके बाद सभी नक्सली हुंठ गांव के बांदापीड़ी, सिंगड़ाटोली, रांगरोंग की ओर पैदल ही निकल गए. जिसके बाद काफी देर तक ट्रेलर के टायर जलते रहे और धुंआ निकलता रहा. अंदर जल चुके चालक जोगा सिंह की खोपड़ी और शरीर का पतला जला हुआ ढांचा ट्रेलर के अंदर नजर आ रहा था।